दस साल में लखनऊ बन जाएगा स्मार्ट शहर: राजनाथ
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स्थानीय सांसद व गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के लोगों को आश्वस्त किया कि वे शहर के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, पर सिर्फ सांसद निधि के सहारे शहर का कायाकल्प नहीं हो सकता।
उन्होंने चुटकी ली कि कुछ दिन बाद लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने का काम शुरू हो जाएगा तो ये सारे काम बेकार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जो काम 60 साल से ज्यादा समय में भी नहीं हो पाया, वह दस साल में हो जाएगा। सिंह शनिवार को यहां पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे थे।
अलग-अलग स्थानों पर हुए संवाद कार्यक्रमों में लोगों ने देश के गृहमंत्री से शहर में सफाई की बदतर स्थिति से लेकर भू-माफिया के आतंक तक की समस्याएं बताईं।
एक कार्यकर्ता ने पीड़ा जताई कि दो भू-माफिया ने उनकी जमीन को चारों तरफ से घेर लिया है। इसके चलते वे अपनी जमीन पर भी कोई काम नहीं करा पा रहे। उन्होंने गृहमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाई। एक कार्यकर्ता ने कहा कि सफाई के लिए सभी जगह गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
आश्वासन देने से विश्वसनीयता खत्म होती है
गृहमंत्री ने कहा, आश्वासन देते रहने और काम न कराने से ही राजनीति में विश्वसनीयता का संकट खड़ा हुआ है। इसीलिए कोई आश्वासन देने से हिचकता हूं।
बार-बार आना मुश्किल: सिंह ने कहा कि गृहमंत्री होने के नाते उन्हें लगातार कई एजेंसियों से संपर्क रखना पड़ता है। दूसरे काम भी होते हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को समझना होगा कि वे बार-बार लखनऊ नहीं आ सकते।
कार्यकर्ताओं का दुख-दर्द पूछा: राजनाथ अवध क्षेत्र के मंत्री राजीव मिश्र के घर भी गए और शोक संवेदना जताई। राजीव की पत्नी का पिछले दिनों निधन हो गया था।
वहीं, स्वतंत्रता सेनानी शांति गुप्ता और पूर्व पार्षद पीएन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री से मिलकर इंदिरानगर सेक्टर 18, 19, 20, 21 रिंग रोड पर पब्लिक क्रॉसिंग खुलवाने एवं चौराहा बनाने की मांग की।
बालू अड्डा, पीएन रोड निवासी रमेशचंद्र शर्मा ने गृहमंत्री से मिलकर नौकरी के नाम पर लिया गया पैसा वापस दिलवाने की मांग की।