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लखनऊ : स्वामी प्रसाद सात को करेंगे नामांकन, अन्य नामों पर मंथन जारी, सपा में विप चुनाव को लेकर जोर आजमाइश
Sun, 05 Jun 2022 07:58 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 05 Jun 2022 07:58 PM IST
सार
सपा रणनीतिकारों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व करहल के पूर्व विधायक सोहबरन सिंह को भी विधान परिषद भेजने के मूड में है। पार्टी संगठन स्तर पर युवा चेहरे और अति पिछड़े कार्ड के रूप में डा. राजपाल कश्यप को दोबारा परिषद में भेज सकती है।
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स्वामी प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव
विस्तार
सपा में विधान परिषद चुनाव को लेकर जोर आजमाइश तेज हो गई है। अभी तक सपा शीर्ष नेतृत्व सिर्फ एक उम्मीदवार तय कर पाया है। अन्य उम्मीदवारों पर मंथन चल रहा है। समाजवादी पार्टी चार लोगों को विधान परिषद भेज सकती है। पार्टी की ओर से रविवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम को हरी झंडी दे दी गई है। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य ने नामंकन की तैयारी शुरू कर दी है। वह सात जून को नामांकन करेंगे।
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स्वामी प्रसाद के जरिए बसपा पृष्ठभूमि वाले नेताओं को खुद से जोड़े रखने की रणनीति अपनाई गई है। वह विधान सभा चुनाव से ठीक पहले साइकिल पर सवार हुए। अपनी परंपरागत सीट पडरौना छोड़कर फाजिलनगर से मैदान में उतरे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं विधान सभा चुनाव के समय स्वामी प्रसाद के नजदीकी दद्दू प्रसाद, प्रयागराज से अमर नाथ मौर्य सहित कई नेताओं को पार्टी ने टिकट दिया, लेकिन नामांकन के बाद उन्हें लड़ने से मना कर दिया गया। इससे स्वामी प्रसाद मौर्य काफी क्षुब्ध थे। ऐसे में पार्टी ने उन्हें विधान परिषद में भेजकर नाराजगी दूर करने का प्रसाद किया है।
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अन्य उम्मीदवारों पर चल रहा मंथन
सपा रणनीतिकारों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व करहल के पूर्व विधायक सोहबरन सिंह को भी विधान परिषद भेजने के मूड में है। पार्टी संगठन स्तर पर युवा चेहरे और अति पिछड़े कार्ड के रूप में डा. राजपाल कश्यप को दोबारा परिषद में भेज सकती है। क्योंकि भाजपा ने इस बिरादरी के एक नेता को राज्यसभा और तीन नेताओं को विधान परिषद भेज चुकी है। इसी तरह पार्टी से जुड़े दर्जनभर से अधिक नेता विधान परिषद के लिए दावेदारी कर रहे हैं।
लोकसभा उपचुनाव पर भी विचार
समाजवादी पार्टी के अंदरखाने में आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव को लेकर भी विचार विमर्श का दौर जारी है। आजमगढ़ के लिए पहले पूर्व सांसद डिंपल यादव का नाम चर्चा में आया, लेकिन बाद में सुशील आनंद और रमाकांत के नाम पर विचार शुरू हो गया। भाजपा ने दिनेश लाल यादव निरहुआ और बसपा ने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को मैदान में उतार दिया है। ऐसे में सपा पशोपेश की स्थिति में आ गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बदली सियासी परिस्थितियों में सैफई परिवार के किसी सदस्य को आजमगढ़ उतारने पर विचार चल रहा है।