लखनऊ एसटीएफ ने पकड़ी असलहों की खेप, संडीला रेलवे स्टेशन से पांच गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ एसटीएफ की टीम ने मंगलवार तड़के संडीला रेलवे स्टेशन के निकट मध्यप्रदेश से आजमगढ़ के शातिरों को असलहा सप्लाई करने आए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 23 पिस्टल और 23 मैगजीन बरामद हुई हैं। एसटीएफ के एसआई ने छह लोगों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट का मामला संडीला कोतवाली में दर्ज कराया है।
सोमवार रात एसटीएफ लखनऊ टीम को जानकारी मिली कि आजमगढ़ के शातिर अवैध शस्त्रों की सप्लाई लेने के लिए मध्यप्रदेश के सप्लायरों से संडीला रेलवे स्टेशन के निकट मिलेंगे। इस पर एसटीएफ के एसआई मनोज कुमार पांडेय ने आजमगढ़ से ही संदिग्धों की निगरानी शुरू करा दी।
मंगलवार तड़के संडीला रेलवे स्टेशन के निकट साढ़े तीन बजे पुलिस टीम को छह संदिग्ध युवक नजर आए तो घेराबंदी की गई। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि आकाश डाबर, सौरभ यादव, केहर सिंह यादव, सद्दाम हुसैन और गौरव मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है।
गैंग का मुखिया सौरभ यादव असलहों की सप्लाई करता है, जबकि मध्यप्रदेश से सप्लाई लाने वाले गैंग का सरगना करतार सिंह फरार हो गया। एसपी ने बताया कि ये पता किया जा रहा है कि असलहे किस वारदात को अंजाम देने के लिए मंगाए गए थे।
असलहा तस्करों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
संडीला में एसटीएफ द्वारा असलहों की खेप पकड़े जाने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। पुलिस तस्करों का पूरा नेटवर्क पता लगाने में जुटी है। तस्करों के सरगना सौरभ यादव ने बताया कि वह मध्यप्रदेश के करतार सिंह से असलहे मंगवाकर यूपी के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करता था।
करतार सिंह उसे 12 हजार रुपये में पिस्टल देता था जिसे वह गौरव, सद्दाम और केहर यादव के जरिये 25 हजार रुपये में बेचता था। अयोध्या विवाद पर कोर्ट के आने वाले फैसले से पहले यूपी एसटीएफ की कार्रवाई में पकड़ी गई असलहों की खेप के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं।