अब तन्हा बुजुर्गों का ‘बेटा’ बनेगी पुलिस, ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
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बेटा बाहर नौकरी करता है और बुजुर्ग दंपती अकेले हो गए। उन्हें देखने वाला कोई नहीं है। ऐसे तन्हा बुजुर्गों के लिए अब लखनऊ पुलिस ‘बेटे’ की भूमिका निभाएगी। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के निर्देश पर इनकी सुरक्षा के साथ अन्य जरूरतों को पूरा करेगी।
इसके लिए फिर से ‘सवेरा’ एप शुरू किया गया है। मध्य जोन ने 450 बुजुर्गों का ब्योरा जुटा लिया है। पूरे शहर में फिलहाल यह आंकड़ा 2100 पार हो चुका है। डीसीपी मध्य दिनेश कुमार सिंह के मुताबिक ऐसे बुजुर्गों की सूची बन रही है। इसकी शुरुआत पूर्व डीजीपी ओपी सिंह ने ‘सवेरा’ एप बनाकर की थी।
इस एप को यूपी 112 से जोड़ा था, ताकि एक कॉल पर पीआरवी पहुंचे। अब इसे थाना स्तर पर लागू किया गया है। पूरे अभियान की मॉनिटरिंग एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा करेंगे। वह लगातार थानों से ब्योरा मंगाएंगे, फिर बुजुर्गों से संपर्क करेंगे।
सिपाही भरवाएगा फॉर्म
बुजुर्ग दंपती की तलाश व उनका ब्योरा जुटाने का काम बीट पर तैनात सिपाही करेंगे। हर बीट के दो सिपाहियों को तैनात किया गया है। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा, सुविधाओं के लिए सिपाही इनसे संपर्क कर ब्योरा जुटाएगा। उनका फॉर्म भरवाकर डाटा थाने के रिकॉर्ड में फीड करवाएगा।
पूरा ब्योरा 112 के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा
इसे सेव करते ही बुजुर्ग के पास एसएमएस पहुंचेगा। इसमें दर्ज होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में आपको वरिष्ठ नागरिक के रूप में पंजीकृत किया गया है। इसके बाद पूरा ब्योरा 112 के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा।