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Lucknow News: अबकी महंगी होगी खुले में भी पार्किंग, तीन गुना देना होगा शुल्क
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अबकी महंगी होगी खुले में भी पार्किंग, तीन गुना देना होगा शुल्क
लखनऊ। नगर निगम 78 खुली पार्किंगों को शुरू करने जा रहा है लेकिन इस बार वाहन स्वामियों को पार्किंग शुल्क तीन गुना तक देना होगा। ऐसे में लोगों को पहले अधिक शुल्क देना पड़ेगा। ठेके नई पार्किंग नियमावली के तहत उठाए जाएंगे। इसको लेकर 15 दिन के अंदर टेंडर जारी हो जाएगा।
नगर निगम की भूमिगत पार्किंग में अभी दो पहिया गाड़ी का चार घंटे का पार्किंग शुल्क 10 रुपये है और चार पहिया गाड़ी का शुल्क 25 रुपये है। अब शासन की जो नई नियमावली आई है उसमें चार घंटे की बजाए दो घंटे का स्लैब रखा गया है। जिसमें दो पहिया का दो घंटे का शुल्क 15 रुपये रखा गया है यानि यदि कोई गाड़ी को चार घंटे के लिए पार्क करता है तो उसको 30 रुपये देने होंगे जोकि अभी लागू शुल्क का तीन गुना होगा। इसी तरह चार पहिया का दो घंटे का शुल्क नई नीति में 30 रुपये तय किया गया है जबकि अभी चार घंटे का 25 रुपये ही लिया जाता है। ऐसे में यदि चार घंटे तक चार पहिया वाहन पार्किंग में खड़ा हुआ तो वाहन स्वामी को 60 रुपये देना होगा। अब यही शुल्क नगर निगम लागू करेगा। इसको लेकर नगर निगम कार्यकारिणी और सदन भी मंजूरी दे चुका है। इसके नई नियमावली के तहत जो पार्किंग प्रबंध समिति बनी है वह इसकी मंजरी दे चुकी है।
चार साल पहले हुए थे निरस्त
25 अगस्त 2021 को तत्कालीन अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे की ओर से एक आदेश पार्किंगों के संचालन को लेकर जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि खुले में चल रही जिन पार्किंग स्टैंडों पर शेड, पेयजल और शौचालय की सुविधा नहीं उनका संचालन न किया जाए। जिसके बाद नगर निगम ने खुले में बिना सुविधाओं वाले चल रहे सभी पार्किंग स्टैंडों का ठेका निरस्त कर दिया था। सिर्फ उन 13 पार्किंग स्थलों का ही संचालन जारी रहा जो मल्टीलेवल और भूमिगत हैं। यह पार्किंग हजरतगंज, लालबाग, महानगर, आलमबाग, अमीनाबाद, नादान महल रोड और चौक में हैं।
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...इधर चार दिन से नहीं खोल गए टेंडर
नगर निगम ने बीते माह लालबाग, अमीनाबाद, आलमबाग, महानगर, और भूतनाथ सहित 13 पार्किंग स्थालों के लिए टेंडर निकाले थे। जिनको चार दिन पहले खोला जाना था मगर अब तक खोला नहीं गया है। जिसको लेकर यह चर्चा है कि नगर निगम के प्रचार विभाग में तैनात बाबू का इसमें खेल है। उसने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए कानूनी पेंच फंसाया है। यह भी चर्चा है कि उसने हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग का टेंडर नहीं निकाला। ऐसे में उसका संचालन बिना टेंडर बाबू ठेकेदारों से मिलीभगत कर करवा रहा है। इसको लेकर ऑडिट भी आपत्ति लगा चुका है। ऑडिट रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ट्रांसपोर्ट नगर में सालाना आय पांच लाख रुपये की हो रही है जबकि खर्च 15 लाख का हो रहा है।
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कोट
अब जिन पार्किंग स्थालों का संचालन टेंडर से होगा वहां पर नई नियमवाली के तहत शुल्क लागू किया जाएगा। जो 78 पार्किंग स्थल पहले निरस्त हो गए थे वहां पर भी नया शुल्क संचालन शुरू होने पर लिया जाएगा।
गौरव कुमार, नगर आयुक्त
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लखनऊ। नगर निगम 78 खुली पार्किंगों को शुरू करने जा रहा है लेकिन इस बार वाहन स्वामियों को पार्किंग शुल्क तीन गुना तक देना होगा। ऐसे में लोगों को पहले अधिक शुल्क देना पड़ेगा। ठेके नई पार्किंग नियमावली के तहत उठाए जाएंगे। इसको लेकर 15 दिन के अंदर टेंडर जारी हो जाएगा।
नगर निगम की भूमिगत पार्किंग में अभी दो पहिया गाड़ी का चार घंटे का पार्किंग शुल्क 10 रुपये है और चार पहिया गाड़ी का शुल्क 25 रुपये है। अब शासन की जो नई नियमावली आई है उसमें चार घंटे की बजाए दो घंटे का स्लैब रखा गया है। जिसमें दो पहिया का दो घंटे का शुल्क 15 रुपये रखा गया है यानि यदि कोई गाड़ी को चार घंटे के लिए पार्क करता है तो उसको 30 रुपये देने होंगे जोकि अभी लागू शुल्क का तीन गुना होगा। इसी तरह चार पहिया का दो घंटे का शुल्क नई नीति में 30 रुपये तय किया गया है जबकि अभी चार घंटे का 25 रुपये ही लिया जाता है। ऐसे में यदि चार घंटे तक चार पहिया वाहन पार्किंग में खड़ा हुआ तो वाहन स्वामी को 60 रुपये देना होगा। अब यही शुल्क नगर निगम लागू करेगा। इसको लेकर नगर निगम कार्यकारिणी और सदन भी मंजूरी दे चुका है। इसके नई नियमावली के तहत जो पार्किंग प्रबंध समिति बनी है वह इसकी मंजरी दे चुकी है।
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चार साल पहले हुए थे निरस्त
25 अगस्त 2021 को तत्कालीन अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे की ओर से एक आदेश पार्किंगों के संचालन को लेकर जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि खुले में चल रही जिन पार्किंग स्टैंडों पर शेड, पेयजल और शौचालय की सुविधा नहीं उनका संचालन न किया जाए। जिसके बाद नगर निगम ने खुले में बिना सुविधाओं वाले चल रहे सभी पार्किंग स्टैंडों का ठेका निरस्त कर दिया था। सिर्फ उन 13 पार्किंग स्थलों का ही संचालन जारी रहा जो मल्टीलेवल और भूमिगत हैं। यह पार्किंग हजरतगंज, लालबाग, महानगर, आलमबाग, अमीनाबाद, नादान महल रोड और चौक में हैं।
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...इधर चार दिन से नहीं खोल गए टेंडर
नगर निगम ने बीते माह लालबाग, अमीनाबाद, आलमबाग, महानगर, और भूतनाथ सहित 13 पार्किंग स्थालों के लिए टेंडर निकाले थे। जिनको चार दिन पहले खोला जाना था मगर अब तक खोला नहीं गया है। जिसको लेकर यह चर्चा है कि नगर निगम के प्रचार विभाग में तैनात बाबू का इसमें खेल है। उसने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए कानूनी पेंच फंसाया है। यह भी चर्चा है कि उसने हजरतगंज मल्टीलेवल पार्किंग का टेंडर नहीं निकाला। ऐसे में उसका संचालन बिना टेंडर बाबू ठेकेदारों से मिलीभगत कर करवा रहा है। इसको लेकर ऑडिट भी आपत्ति लगा चुका है। ऑडिट रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ट्रांसपोर्ट नगर में सालाना आय पांच लाख रुपये की हो रही है जबकि खर्च 15 लाख का हो रहा है।
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कोट
अब जिन पार्किंग स्थालों का संचालन टेंडर से होगा वहां पर नई नियमवाली के तहत शुल्क लागू किया जाएगा। जो 78 पार्किंग स्थल पहले निरस्त हो गए थे वहां पर भी नया शुल्क संचालन शुरू होने पर लिया जाएगा।
गौरव कुमार, नगर आयुक्त