{"_id":"64bfe3cce95f195cbd01d406","slug":"lucknow-news-eow-looking-for-the-person-who-complained-about-fraud-worth-crores-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : पश्चिम बंगाल की कंपनी ने की करोड़ों की जालसाजी, ईओडब्ल्यू की टीम ने लखनऊ में की तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : पश्चिम बंगाल की कंपनी ने की करोड़ों की जालसाजी, ईओडब्ल्यू की टीम ने लखनऊ में की तलाश
Tue, 25 Jul 2023 08:32 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 25 Jul 2023 08:32 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल की कंपनियों द्वारा जौनपुर में लोगों को प्रलोभन देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाने की शिकायत करने वाला ईओडब्ल्यू को नहीं मिल रहा है। वाराणसी की टीम ने उसकी तलाश में मंगलवार को लखनऊ में छानबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन
लखनऊ के इस्माइलगंज में छानबीन करती ईओडब्ल्यू की वाराणसी की टीम
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल की कंपनियों द्वारा जौनपुर में लोगों को प्रलोभन देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाने की शिकायत करने वाला ईओडब्ल्यू को नहीं मिल रहा है। ईओडब्ल्यू की वाराणसी इकाई की टीम ने उसकी तलाश में मंगलवार को लखनऊ के इस्माइलगंज स्थित पते पर आकर छानबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
विज्ञापन
बता दें कि जौनपुर के थाना कोतवाली पर वर्ष 2021 में शिकायतकर्ता भूपेंद्र नाथ ने सहज जन सेवा केंद्र, जौनपुर के कर्मचारियों द्वारा मारपीट, गाली- गलौज और धमकी दिए जाने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की कंपनियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, वाराणसी कर रहा है।
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू के तमाम प्रयासों के बाद भी भूपेंद्र नाथ का पता नहीं चल सका है। उसने पुलिस से की शिकायत में अपना स्थायी पत्ता-मुहल्ला रिजवी खान थाना कोतवाली, जौनपुर और वर्तमान पता लखनऊ के इस्माइलगंज 2 के हरिहरनगरी का दर्ज कराया था। मंगलवार को ईओडब्ल्यू, वाराणसी के निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने गाजीपुर पुलिस की मदद से इस्माइलगंज जाकर आसपास के लोगों से उसके बारे में पता लगाया, लेकिन कोई उसकी फोटो को देखकर शिनाख्त नहीं कर सका।
विज्ञापन