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Lucknow News : 7.5 साल बाद दिया फ्लैट पर कब्जा दिया, राज्य उपभोक्ता आयोग ने एलडीए पर लगाया 10 लाख हर्जाना
Tue, 06 Jun 2023 10:42 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 06 Jun 2023 10:42 PM IST
सार
राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को सुनते हुए आदेश सुनाया। कहा कि तय समय से लगभग साढ़े सात साल बाद परिवादी को एलडीए ने कब्जा दिया। इससे परिवादी को अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। साथ ही मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक कष्ट पहुंचा।
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विस्तार
आवंटी को तयशुदा समय से साढ़े सात साल बाद फ्लैट पर कब्जा देने के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) पर 10 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। 20 हजार रुपये वाद व्यय भी अदा करने को कहा गया। दो माह में यह राशि अदा न करने पर 12 प्रतिशत ब्याज भी अदा करना होगा।
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शाहजहांपुर निवासी चंद्रेश आनंद ने यह मामला आयोग के समक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि एलडीए की गोमतीनगर फैजाबाद रोड स्थित स्कीम परिजात हाउसिंग में उन्होंने 18 अगस्त 2012 को एक 144.37 वर्ग मीटर में बना फ्लैट बुक कराया था। इसकी कीमत 44, 50000 रुपये थे। इसका कब्जा 24 माह के भीतर दिया जाना था पर इस अवधि में इसका कब्जा नहीं दिया गया। बावजूद इसके कि वर्ष 2014 में ही आवंटी से उसकी पूरी धनराशि ले ली गई। वर्ष 2021 तक उससे 6555848 रुपये जमा करा लिए गए।
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इसके लिए आवंटी ने आयोग में वाद दायर किया। उधर एलडीए के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि किसानों से विवाद, स्थगन आदेश और हाईटेंशन लाइन समय से न हटने के कारण कब्जा देने में विलंब किया गया। ज्यादा रकम इसलिए ली गई कि फ्लैट का क्षेत्रफल भी बढ़कर 151.38 वर्ग मीटर हो गया। इसके अलावा विभिन्न मदों में यह रकम ली गई। 15 जुलाई 2021 को इस फ्लैट की रजिस्ट्री हुई और परिवादी ने कब्जा भी ले लिया।
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राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को सुनते हुए आदेश सुनाया। कहा कि तय समय से लगभग साढ़े सात साल बाद परिवादी को एलडीए ने कब्जा दिया। इससे परिवादी को अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। साथ ही मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक कष्ट पहुंचा।