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लखनऊ मेट्रो की सुरंग में लगेंगी वाटरप्रूफ लाइटें, हादसे से निपटने के होंगे खास इंतजाम
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:33 PM IST
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लखनऊ मेट्रो
- फोटो : SELF
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लखनऊ के चारबाग से हजरतगंज के बीच बन रहे भूमिगत रूट में यात्रियों की सुरक्षा के खास इंतजाम किए जाएंगे। वाटरप्रूफ लाइट के साथ ही सुरक्षा के लिए खास रेस्क्यू लिंक की व्यवस्था होगी। मेट्रो ने हजरतगंज से सचिवालय के बीच अपनी सुरंग का काम पूरा कराने के बाद पटरी बिछाने की कवायद शुरू कर दी है।
इस बीच सभी सुरक्षा इंतजाम भी चेक किए जाएंगे। वहीं वेंटीलेशन सिस्टम केलिए स्टेशनों पर खास इंतजाम होंगे। स्टेशनों को पूरी तरह एयर कंडीशंड बनाया जाएगा। इससे स्टेशनों पर यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
लखनऊ मेट्रो के एक अफसर ने बताया कि सुरंग का काम काफी पेंचीदा है। सुरंग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कवायद हो रही है। सुरंग के अंदर हर छह मीटर पर वाटरप्रूफ लाइट लगा रहे हैं।
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किसी भी हादसे के समय सुरंग में पानी भरने पर भी ये लाइटें काम करती रहेंगी। यानी पानी भरने पर भी अंधेरा होने का खतरा खत्म हो जाएगा। हर 36 मीटर पर इमरजेंसी लाइटें भी लगाई गई हैं।
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इस बीच सभी सुरक्षा इंतजाम भी चेक किए जाएंगे। वहीं वेंटीलेशन सिस्टम केलिए स्टेशनों पर खास इंतजाम होंगे। स्टेशनों को पूरी तरह एयर कंडीशंड बनाया जाएगा। इससे स्टेशनों पर यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
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लखनऊ मेट्रो के एक अफसर ने बताया कि सुरंग का काम काफी पेंचीदा है। सुरंग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कवायद हो रही है। सुरंग के अंदर हर छह मीटर पर वाटरप्रूफ लाइट लगा रहे हैं।
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किसी भी हादसे के समय सुरंग में पानी भरने पर भी ये लाइटें काम करती रहेंगी। यानी पानी भरने पर भी अंधेरा होने का खतरा खत्म हो जाएगा। हर 36 मीटर पर इमरजेंसी लाइटें भी लगाई गई हैं।
सख्ती से लागू होंगे सुरक्षा के नियम
लखनऊ मेट्रो
- फोटो : amar ujala
सुरंग के अंदर रेस्क्यू लिंक का इंतजाम किया गया है। रेस्क्यू लिंक से मतलब एक निश्चित दूरी पर अप और डाउन लाइन की दोनों सुरंगों को आपस में जोड़ा जा रहा है। इससे किसी की लाइन की सुरंग में हादसा होने पर दूसरी लाइन की सुरंग से यात्रियों को निकाला जा सकेगा।
ऐसे लिंक सभी स्टेशनों के बीच रहेंगे। स्टेशनों की करीब एक किमी की दूरी होने से यात्रियों को जल्दी ही स्टेशन तक लाया जा सकेगा। इसके लिए मॉक ड्रिल भी समय-समय पर मेट्रो करता रहेगा। यह सुरक्षा इंतजाम सुरंग बनाने के समय भी सख्ती से लागू किए जा रहे हैं।
भूमिगत रूट के स्टेशन: फैक्ट फाइल
साइज - 300 मीटर लंबा, 19.8 मीटर चौड़ा, 20 मीटर गहरा
प्लेटफॉर्म - दो
प्लेटफॉर्म की लंबाई - 140 मीटर
वेंटीलेशन - एयर कंडीशंड
कॉमर्शियल एरिया होंगे- हुसैनगंज में 1, सचिवालय में 1, हजरतगंज में 2
ऐसे लिंक सभी स्टेशनों के बीच रहेंगे। स्टेशनों की करीब एक किमी की दूरी होने से यात्रियों को जल्दी ही स्टेशन तक लाया जा सकेगा। इसके लिए मॉक ड्रिल भी समय-समय पर मेट्रो करता रहेगा। यह सुरक्षा इंतजाम सुरंग बनाने के समय भी सख्ती से लागू किए जा रहे हैं।
भूमिगत रूट के स्टेशन: फैक्ट फाइल
साइज - 300 मीटर लंबा, 19.8 मीटर चौड़ा, 20 मीटर गहरा
प्लेटफॉर्म - दो
प्लेटफॉर्म की लंबाई - 140 मीटर
वेंटीलेशन - एयर कंडीशंड
कॉमर्शियल एरिया होंगे- हुसैनगंज में 1, सचिवालय में 1, हजरतगंज में 2