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45 की जगह अब 40 मिनट में पहुंचा रही मेट्रो
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45 की जगह अब 40 मिनट में पहुंचा रही मेट्रो
ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन की वजह से बच रहे पांच मिनट
लखनऊ मेट्रो की ट्रेनों के संचालन के लिए ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम लागू होने से यात्रियों के पांच मिनट बच रहे हैं। अब एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया के बीच मेट्रो ट्रेनें 45 की जगह 40 मिनट में सफर पूरा कर रही हैं। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि इसके साथ ही अब फेरे बढ़ने से ट्रेनें 300 किमी अधिक दूरी रोजाना तय कर रही हैं।
मेट्रो के एमडी कुमार केशव का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और आवागमन को तीव्र बनाने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन से जहां स्टेशनों पर ट्रेनों के रुकने की सटीकता बढ़ी है, वहीं स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने का समय भी सटीक हुआ है। अब केवल ट्रेनों के दरवाजे खोलने और बंद करने का काम ही ऑपरेटर करता है। ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन एक सॉॅफ्टवेयर आधारित प्रणाली है। इससे सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन, दोनों में सटीकता सुनिश्चित होती है।
औसत गति संग बढ़ी फेरों की बढ़ी संख्या
मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी ने बताया कि ट्रेनों की औसत गति भी बढ़ाई गई है। इससे फेरों की संख्या 330 से बढ़कर रोजाना 343 हो गई है। ऐसे में अब रोजाना करीब 300 किमी अधिक दूरी ट्रेनें तय कर रही हैं। ट्रेनें रोजाना 7740 किमी की दूरी तय कर रही हैं। यह दूरी कश्मीर से कन्याकुमारी के बीच आने-जाने के बराबर है।
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ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन की वजह से बच रहे पांच मिनट
लखनऊ मेट्रो की ट्रेनों के संचालन के लिए ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम लागू होने से यात्रियों के पांच मिनट बच रहे हैं। अब एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया के बीच मेट्रो ट्रेनें 45 की जगह 40 मिनट में सफर पूरा कर रही हैं। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि इसके साथ ही अब फेरे बढ़ने से ट्रेनें 300 किमी अधिक दूरी रोजाना तय कर रही हैं।
मेट्रो के एमडी कुमार केशव का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और आवागमन को तीव्र बनाने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन से जहां स्टेशनों पर ट्रेनों के रुकने की सटीकता बढ़ी है, वहीं स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने का समय भी सटीक हुआ है। अब केवल ट्रेनों के दरवाजे खोलने और बंद करने का काम ही ऑपरेटर करता है। ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन एक सॉॅफ्टवेयर आधारित प्रणाली है। इससे सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन, दोनों में सटीकता सुनिश्चित होती है।
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औसत गति संग बढ़ी फेरों की बढ़ी संख्या
मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी ने बताया कि ट्रेनों की औसत गति भी बढ़ाई गई है। इससे फेरों की संख्या 330 से बढ़कर रोजाना 343 हो गई है। ऐसे में अब रोजाना करीब 300 किमी अधिक दूरी ट्रेनें तय कर रही हैं। ट्रेनें रोजाना 7740 किमी की दूरी तय कर रही हैं। यह दूरी कश्मीर से कन्याकुमारी के बीच आने-जाने के बराबर है।
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