ऑटो से पांच गुना सस्ता होगा लखनऊ मेट्रो का सफर
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एक सवारी के लिए ऑटो रिक्शा से पांच गुना सस्ता मेट्रो का किराया होगा। ऑटो जहां ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया के बीच 200 रुपये किराया लेता है उसी दूरी के लिए मेट्रो का किराया केवल 38 रुपये होगा।
अगर तीन लोगों को भी एक ऑटो पर पर सवार मान लें तब भी दोगुने से अधिक का फायदा मिलेगा। मेट्रो के फेयर कलेक्शन को लेकर कुछ इसी तरह की गणित लगा कर आम लोगों को फायदा मिलेगा। ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन को लेकर कंपनी का चयन भी इसी माह पूरा हो जाएगा।
1.50 रुपया प्रति किमी. होगा किराया
मेट्रो का औसत किराया 1.50 रुपया प्रति किलोमीटर तय किया जा रहा है, मगर शुरुआत 5 रुपये से होगी। मुंशीपुलिया पहुंचते-पहुंचते ये किराया करीब 38 रुपये होगा। ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच किराया 12 रुपये तक होगा।
एलएमआरसी ने ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें किराये को डीपीआर में दर्ज किराये से कुछ खास नहीं बदला जाएगा।
सबसे महंगा टिकट होगा 38 रुपये
एलएमआरसी के मुताबिक, इंटीग्रेटेड टिकट पॉलिसी बड़ी प्राथमिकता होगी। इसके तहत हम मेट्रो रेल, पार्किंग और फीडर सर्विस के लिए एक टिकट बनाएंगे ताकि, लोगों के समय की बचत हो। उनका आर्थिक लाभ भी होगा। इसको लेकर भी कंसलटेंट काम करेगा।
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया के बीच 22 किमी. के रूट के लिए 38 रुपये का सबसे महंगा टिकट होगा, जबकि सबसे कम टिकट पांच रुपये का होगा।
एलएमआरसी को बजट का एक बड़ा हिस्सा फेयर कलेक्शन मिलेगा। मगर इसको इतना नहीं बढ़ाया जाएगा कि ये जनता पर बोझ हो जाए।
सिटी व रोडवेज बसों में भी इस्तेमाल होगा स्मार्ट कार्ड
टिकट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले मेट्रो रेल के स्मार्ट कार्ड से सिटी बस और दूसरे शहरों को जाने वाली रोडवेज बस में भी यात्रा की जा सकेगी।
राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, एलएमआरसी ने ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) के टेंडर में ये शर्त कंपनी के लिए जोड़ दी है।
विभागों के बीच फंड ट्रांसफर को लेकर एलएमआरसी अपना क्लीयरिंग हाउस भी बनाएगा, जिसकी क्षमता इतनी होगी कि भविष्य में टैक्सी और टेंपू को भी इसमें जोड़ा जा सकेगा।
यहां तक कि अगर कभी दिल्ली मेट्रो और लखनऊ मेट्रो के टिकट को जोड़ने की बात होगी तो उसकी तैयारी भी एलएमआरसी ने की है। फिलहाल केवल मेट्रो, सिटी बस और रोडवेज बस को इस स्मार्ट कार्ड से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एलएमआरसी 65 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि किराया की स्वचलित तकनीक है, जिसको लेकर टेंडर प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। पूरे 23 किलोमीटर में 65 करोड़ रुपये में कंपनी उपकरणों को स्थापित करेगी, जिनका संचालन बाद में एलएमआरसी करेगा।