शनि ग्रह करीब 30 साल बाद मंगलवार 17 जनवरी को रात 8 बजकर 2 मिनट पर मूल त्रिकोण राशि कुंभ यानी अपने प्रिय घर में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से कुछ राशियों पर प्रतिकूल तो कई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में हम जितना आराधना और प्रार्थना पर केंद्रित होंगे, उतने ही दुष्प्रभाव कम होगा। इस गोचर के बाद तीन राशियां साढ़े साती और दो ढैय्या के प्रभाव में रहेंगी। मिथुन राशि के लिए शनि नवम भाव में होकर इन्हें ढैय्या से मुक्ति देंगे। हालांकि, इनके भाग्य भाव पर असर दिखेगा। मकर राशि से शनि की साढ़े साती उतरेगी।
ज्योतिष: 30 साल बाद अपने घर में शनिदेव, जानें- किस राशि पर चढ़ेगी साढ़ेसाती और क्या है बचाव के उपाय
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आतंकी घटनाएं, उथल-पुथल से इनकार नहीं
ज्योतिषाचार्य कामेश्वर उपाध्याय के मुताबिक, शनि कुंभ में आएंगे तो उनकी दृष्टि राहुु पर पडे़गी। ऐसे में आतंकी घटनाओं के आसार बढ़ जाते हैं। यूक्रेन का युद्ध या तो बंद होगा या और भयानक रूप लेगा। बेहतर होता कि मकर में शनि के रहते ही समझौता हो जाता। युद्ध जनित परिवर्तन आना तय है। विश्व की राजनीति में नया परिवर्तन होगा और नई शक्तियां विकसित होंगी। भारत इनमें से एक है, बस उसे युद्ध की पृष्ठभूमि में ढकेले जाने से बचना होगा। फरवरी से अगस्त तक का समय विश्व में काफी उथल-पुथल वाला होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन व भूकंप के आसार हैं।
जानिए, किस राशि पर चढ़ेगी और किस पर उतरेगी साढ़े साती
ज्योतिषाचार्य धीरेन्द्र पांडेय के मुताबिक, धनु राशि से साढ़े साती उतरेगी और मीन पर शुरू हो जाएगी। इसी तरह तुला से ढैय्या उतरेगी और वृश्चिक पर शुरू होगी। मकर की उतरती हुई साढ़े साती का वक्त राहत देने वाला होगा। कुंभ राशि के लिए साढ़े साती का मध्याह्ल चरण है। चूंकि कुंभ शनि का प्रिय घर है, इन्हें डर की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। जीवन साथी से विवाद और आर्थिक स्थिति को लेकर खास तौर पर सतर्क रहें।
अन्य सभी राशियों पर न्यूनतम प्रभाव
वैदिक ज्योतिष शोध परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय डॉ. आदित्य पांडेय के मुताबिक, मकर राशि के जातकों की उतरती साढ़े साती है। ऐसे में मान-सम्मान के प्रति अति सतर्क रहें। लापरवाही से कोई काम न करें। मेष राशि वालों को आर्थिक लाभ मिलेगा। वृष राशि से दशम भाव में जाएंगे शनि, जिससे कार्यस्थल पर प्रगति व सभी का सहयोग मिलेगा। अटके काम पूरे होंगे। शुक्र और शनि की मित्रता यहां काम आएगी। धनु की साढ़े साती पूरी होने से कॅरिअर और कारोबार में सफलता तय है। तुला राशि वाले शनि की ढैय्या पूरी होने से तनावमुक्त होंगे। मिथुन राशि वालों को राहत मिलेगी, फिर भी निवेश में सतर्क रहें। सिंह राशि वाले वैवाहिक संबंध में सतर्क रहें। मेहनत से सफलता मिलेगी, लंबी यात्रा लाभदायक होगी। कन्या राशि की बाधाएं दूर होंगी, साहस व पराक्रम बढ़ेगा।
हनुमत व शनि आराधना से श्रेष्ठ कुछ भी नहीं
ज्योतिषाचार्य कामेश्वर उपाध्याय, धीरेन्द्र पांडेय और डॉ. आदित्य पांडेय के अनुसार, जिन राशियों पर शनि का प्रतिकूल प्रभाव दिख रहा है, उनके जातकों के लिए हनुमान व शनि की आराधना श्रेष्ठ उपाय है। कुछ लोग शनिवार का व्रत भी रखते हैं। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड और शनि उपासना को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।