फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Hospitals will have to give concrete reasons before patient referral, bed numbers of PGI-Lohia will b

लखनऊ: मरीज रेफर से पहले अस्पतालों को बतानी होगी ठोस वजह, पीजीआई-लोहिया की बेड संख्या होगी सार्वजनिक

Mon, 21 Oct 2024 07:55 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 21 Oct 2024 07:55 AM IST
सार

PGI bed number will be public: यूपी के मेडिकल कॉलेजों में मरीज रेफर करने से पहले अस्पतालों को ठोस वजह बतानी होगी। दूसरी तरफ पीजीआई और लोहिया अस्पताल की बेड संख्या सार्वजनिक की जाएगी। 
 

विज्ञापन
Lucknow: Hospitals will have to give concrete reasons before patient referral, bed numbers of PGI-Lohia will b
पीजीआई की बेड संख्या होगी सार्वजनिक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की इमरजेंसी व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को मरीज रेफर करते वक्त कारण भी बताना होगा। इस संबंध में सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्य व चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। रेफर करते वक्त दिए गए इलाज का पूरा विवरण और किस तरह की सुविधा की जरूरत है, इसे विस्तार से लिखना होगा।

विज्ञापन


प्रदेश के 45 जिलों में राजकीय अथवा स्वशासी मेडिकल कॉलेज समूचे संसाधन के साथ चल रहे हैं, जबकि कुछ जिलों में अभी ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके बाद भी मामूली बीमारियों से ग्रसित मरीजों को केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान जैसे चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर दिया जाता है। ट्रॉमा सर्जरी और इमरजेंसी चिकित्सकों की ओर से कराए गए सर्वे में यह बात सामने आई कि मामूली बीमारियों वाले मरीजों को भी रेफर करने से कई तरह की समस्याएं बढ़ती हैं।
विज्ञापन


एक तरफ चिकित्सा संस्थानों में गंभीर मरीजों पर लगने वाला मैनपावर सामान्य मरीजों में उलझ जाता है तो दूसरी तरफ मरीज को घंटों सफर करना पड़ता है। इस रिपोर्ट के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों की इमरजेंसी व्यवस्था सुधारने की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत हर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा संस्थानों की तरह ही ट्रायज एरिया बनाया जाएगा। इसे अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। जो मरीज रेड जोन में रहेंगे और स्थानीय संसाधन उनके इलाज के लिए नाकाफी होंगे, उन्हें ही रेफर किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय और सचिव चिकित्सा शिक्षा के स्तर पर हर 15 दिन में रेफर होने वाले मरीजों की समीक्षा भी की जाएगी। जिन अस्पतालों में संसाधनों की कमी होगी, वहां की इमरजेंसी में संसाधन बढ़वाए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीजीआई, लोहिया संस्थान को बेड संख्या सार्वजनिक करने का निर्देश

Lucknow: Hospitals will have to give concrete reasons before patient referral, bed numbers of PGI-Lohia will b
पीजीआई में बेड के लिए होती है मारामारी।

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि संजय गांधी पीजीआई, लोहिया संस्थान, केजीएमयू और लोकबंधु अस्पताल, सिविल और बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में खाली बेड़ों की संख्या सार्वजनिक की जाय। इससे बेड खाली है या नहीं इस बारे में तीमारदार को पता चल सकेगा। उन्होंने कहा कि टेक्नालॉजी का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाए। वह रविवार को चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों के प्रमुखों के साथ चिकित्सा संस्थानों व अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था, इमरजेंसी की व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने में उत्तर प्रदेश शासन का सर्वाधिक फोकस रहा है। प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर कार्य हो रहा है। स्वास्थ्य सेक्टर में बहुत सारा निवेश हुआ है। शासकीय अस्पतालों व संस्थानों में बेस्ट डॉक्टर्स व इंफ्रास्ट्रक्चर तथा पर्याप्त मात्रा में स्टाफ उपलब्ध है। उच्च स्तरीय निजी चिकित्सा संस्थानों में प्रायः शासकीय अस्पतालों व संस्थानों से सेवानिवृत्त चिकित्सक कार्य करते हैं। शासकीय अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदार अच्छा अनुभव लेकर जायें और बाहर जाकर अस्पताल व डॉक्टर की तारीफ करें, इस पर सोचने व कार्य करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि मरीजों को उच्च गुणवत्तापरक सुविधाएं मिले। स्ट्रेचर अथवा व्हीलचेयर की पुख्ता व्यवस्था रहे। इमरजेंसी वार्ड के पास भी अस्पताल प्रशासन की टीम होनी चाहिए। हर कार्मिक की मरीज के साथ अच्छा बर्तावहो। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, डीजीएमई किंजल सिंह, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर बृजेश राठौर सहित सभी चिकित्सा संस्थानों के कुलपति एवं निदेशक मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed