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लखनऊ : पीसीएस-2019 बैच को बिना सत्यापन नियुक्ति की सौगात
Thu, 13 May 2021 07:55 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 13 May 2021 07:55 PM IST
सार
प्रदेश की नौकरियों में चयन के बाद नियुक्ति से पहले चरित्र एवं पूर्व वृत सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) की जारी व्यवस्था बदलने का सबसे पहले फायदा राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को मिलेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश की नौकरियों में चयन के बाद नियुक्ति से पहले चरित्र एवं पूर्व वृत सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) की जारी व्यवस्था बदलने का सबसे पहले फायदा राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को मिलेगा। शासन ने 2019 बैच के पीएसएस अधिकारियों को पहले नियुक्ति देने, फिर चरित्र एवं पूर्ववृत सत्यापन का आदेश जारी कर दिया है।
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प्रदेश में चयनित अभ्यर्थी की नियुक्ति से पहले पुलिस द्वारा चरित्र एवं पूर्ववृत सत्यापन कराने की व्यवस्था रही है। इस कार्यवाही में 2 से 6 महीने तक समय लगता रहा है। इससे चयनित अभ्यर्थियों को कई महीने तक शासकीय सेवा से वंचित होकर नुकसान उठाना पड़ता था। सरकार ने पिछले महीने कार्मिक विभाग के एक शासनादेश के जरिए इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया था। इसमें कहा गया है कि चयनित अभ्यर्थियों के चरित्र व पूर्ववृत का सत्यापन पहले की तरह ही किया जाएगा लेकिन उनकी नियुक्ति सत्यापन के लिए लंबित रखने की जरूरत नहीं होगी। नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थी से निर्धारित प्रपत्र में सत्यापन पत्र व घोषणा पत्र प्राप्त कर औपबंधिक नियुक्ति पत्र जारी कर देंगे।
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नियुक्ति के बाद सत्यापन में यदि कोई तथ्य गलत पाया जाता है तो संबंधित अभ्यर्थी को सुनवाई का समुचित अवसर देते हुए औपबंधिक नियुक्ति पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा और अन्य आपराधिक व विधिक कार्यवाही की जाएगी। चरित्र एवं पूर्ववृत के सत्यापन की कार्यवाही की अधिकतम समयसीमा भी छह महीने तय कर दी गई है।
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इसी बीच राज्य लोक सेवा आयोग ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर चयनित 304 अभ्यर्थियों की सूची नियुक्ति के लिए शासन को भेजी थी। शासन ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची संबंधित विभागों को भेज दी है। विभागों से इन्हें औपबंधिक नियुक्ति पत्र जारी करते हुए इसकी प्रतियां कार्मिक विभाग व राज्य लोक सेवा आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। संबंधित विभाग अब नियुक्ति की कार्यवाही करेंगे।
औपबंधिक रूप से चयनित को अभी नियुक्ति का इंतजार
राज्य लोक सेवा आयोग ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन/विशेष चयन) परीक्षा के जरिए 25 अलग-अलग प्रकार के पदों की 453 रिक्तियों में से 19 प्रकार के पदों की 387 रिक्तियों के सापेक्ष 382 अभ्यर्थियों का चयन किया है। आयोग ने इनमें औपबंधिक रूप से चयनित 78 अभ्यर्थियों को छोड़ते हुए 304 अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी कार्यवाही के लिए आवेदन पत्र व मूल अभिलेख शासन को भेजा है। शासन ने इन सभी 304 की नियुक्ति व उसके बाद सत्यापन के आदेश दिए हैं। आयोग ने बकाया 78 अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच के बाद नियुक्त के लिए जल्द उपलब्ध कराने की बात कही है। आयोग से सूची आने तक इन्हें नियुक्ति का इंतजार करना होगा।
इनकी नियुक्ति का रास्ता साफ
डिप्टी कलेक्टर, अपर आयुक्त उद्योग, वर्क ऑफिसर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, बीडीओ सहायक जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी, सब रजिस्टार, सहायक श्रमायुक्त, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, डिजिग्नेटेड ऑफिसर, नायब तहसीलदार, डिप्टी जेलर, कर निर्धारण अधिकारी, मार्केटिंग ऑफिसर, विधि अधिकारी (मंडी परिषद), कृषि सेवा (ग्रेड -2), जिला उद्यान अधिकारी (ग्रेड 2), मंडी परिषद में अकाउंट एंड ऑडिट ऑफीसर, पीडब्ल्यूडी में लीगल ऑफिसर, भूतत्व व खनिकर्म में लीगल ऑफिसर, चीनी एवं गन्ना विकास निरीक्षक, वेटनरी वेलफेयर ऑफीसर, फूड सेफ्टी ऑफिसर शामिल हैं।