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लखनऊ: AC का कंप्रेसर फटने से लगी आग ने 15 बच्चों को लीला, ऊपर से कूदने वालों के पेट में घुसी ग्रिल; जानिए वजह

Tue, 23 Jun 2026 08:02 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 23 Jun 2026 08:02 AM IST
सार

Accident in Lucknow coaching centre: अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 बच्चों की जलकर मौत हो गई। अभी कई गंभीर रूप से घायल बच्चों का इलाज चल रहा है। 
 

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Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
कोचिंग में हादसा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 बच्चों की जलकर मौत हो गई। कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जान बचाने के लिए चार-पांच बच्चे बिल्डिंग से कूदने से गंभीर रूप से घायल हैं। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस लौट आए और घटनास्थल का मुआयना किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। उधर रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं।

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इस वजह से हुई घटना

Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
लखनऊ कोचिंग सेंटर में आग। - फोटो : अमर उजाला।

बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप है। उसके ऊपर पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक ने वेयरहाउस बना रखा था।  दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन का कोर्स चलता है। साथ ही वहां 12वीं तक के बच्चों की कोचिंग भी चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि बिल्डिंग से सभी लोग बाहर नहीं निकल पाए। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद बच्चे भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए। वहीं कई झुलसे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही वह सभा छोड़ तुरंत वापस लौट आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।

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छटपटाने लगे बच्चे, ऊपर से कूदे, ग्रिल पेट में धंस गई

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लखनऊ कोचिंग में आग। - फोटो : अमर उजाला।

आग इतनी भीषण थी कि आसपास मौजूद लोगों के लिए भीतर जाना संभव नहीं था। दमकल को पहुंचने में भी काफी समय लग गया। ऊपर फंसे बच्चे चीख-पुकार कर रहे थे और बाहर मौजूद लोग बेबस थे। इस बीच एक के बाद एक चार-पांच बच्चों ने छलांग लगा दी। इनमें एक बच्चा नीचे लगी ग्रिल पर गिर गया, जिसकी सरिया उसके पेट में धंस गई। सभी घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

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40 मिनट बाद पहुंची दमकल की टीम

आसपास के लोगों में घटना को लेकर काफी आक्रोश था। उनका कहना था कि हादसे के करीब 40 मिनट बाद दमकल की टीम पहुंची। तब तक आग पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले चुकी थी। जब आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। राजधानी में दमकल के इतनी देर से पहुंचने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अवैध बिल्डिंग, निकलने का दूसरा रास्ता तक नहीं

Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
लखनऊ कोचिंग में आग। - फोटो : अमर उजाला।

बिल्डिंग से बाहर निकलने का दूसरा रास्ता तक नहीं था। तीनों तरफ अन्य इमारतें बनी हैं। स्पष्ट है कि बिल्डिंग अवैध है। यही वजह है कि आग लगने पर वहां फंसे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। वहां फंसे पांच-छह लोग किसी तरह खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकले।

राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक

लखनऊ में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतृप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूं।- द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति

लखनऊ में आग लगने की घटना में हुई मौतों से बहुत दुख हुआ। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल जल्द से जल्द ठीक हों। बचाव कार्य चल रहा है और अधिकारी हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री 

लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद और ह्दयविदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।- योगी आदित्यनाथ
 

राजधानी में अब तक का सबसे बड़ा अग्निकांड, सबसे ज्यादा लोग जिंदा जले

Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
अलीगंज स्थित बिल्डिंग में अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव करते दमकल कर्मी।  - फोटो : संवाद
राजधानी में सोमवार को अबतक का सबसे बड़ा अग्निकांड हुआ, जिसमें सबसे ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है। इससे पहले राजधानी में एसएसजे इंटरनेशनल होटल, विराट होटल और होटल लेवाना सुइट्स में अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।

इसमें अग्निकांड की बड़ी घटना चारबाग में 19 जून 2018 को घटी। इस घटना में होटल एसएसजे इंटरनेशनल व विराट में आग लगी थी, जिसमें सात लोग जिंदा जल गए थे। दो लोगों ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस अग्निकांड में कुल नौ लोगों की जान गई। इसके बाद हजरतगंज के मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित होटल लेवाना सुइट्स में 5 सितंबर 2022 को आग लगी। इस घटना में दो युवतियों समेत चार लोग जिंदा जल गए। नौ लोग जख्मी भी हुए थे। सोमवार को अलीगंज में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है और नौ लोग घायल हुए है। मृतकों की संख्या के लिहाज से अलीगंज ने पुराने हादसों को पीछे छोड़ दिया है।

लेवाना के दोषियों पर अब तक कार्रवाई नहीं
तमाम तिकड़म करके अवैध रूप से बने होटल लेवाना सुइट्स के उन दोषियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी, जिन्होंने होटल मालिक को अवैध निर्माण में सहयोग किया था। लापरवाही के लिए एलडीए, अग्निशमन, लेसा, विद्युत सुरक्षा निदेशालय, आबकारी आदि विभागों के 19 लोगों को निलंबित किया गया था। निलंबित होने वाले सभी बाद में बहाल भी हो गए। हालांकि, सील होटल अब भी बंद है लेकिन दोषियों को दंड नहीं मिल सका।

राजधानी में आग की बड़ी घटनाएं

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अलीगंज स्थित बिल्डिंग में अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव करते दमकल कर्मी।  - फोटो : संवाद
15 अप्रैल 2026 : विकासनगर में शॉर्ट सर्किट से 1200 झोपड़ियों में लगी थी आग। हादसे में दो बच्चों की जिंदा जल कर हुई थी मौत।
14 अप्रैल 2025 : लोकबंधु अस्पताल में लगी थी आग। एक मरीज की हो गई थी मौत।
03 मई 2025 : सरोजनीनगर में अमौसी स्टेशन रोड स्थित फूड फैक्टरी में शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग। हादसे में फैक्टरी मालिक और एक कर्मचारी की हुई थी मौत।
27 अप्रैल 2025 : अलीगंज के कपूरथला में बिल्डिंग में लगी थी आग। आग बुझाते समय छज्जा गिरने से छह दमकल कर्मी गंभीर रूप से हुए थे घायल।
5 सितंबर 2022 : होटल लेवाना सुइट्स में चार लोग जिंदा जले।
18 जून 2018 : होटल एसएसजे इंटरनेशनल व विराट में आग से नौ मरे।

चीख-पुकार से टूटा पोस्टमार्टम हाउस का सन्नाटा

Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
घटनास्थल के बाद का नजारा।

 पुरनिया अग्निकांड के मृतकों के पोस्टमार्टम के दौरान केजीएमयू स्थित पीएम हाउस के बाहर दर्दनाक मंजर दिखा। रात गहराने के साथ परिजनों का दर्द और बेचैनी बढ़ती जा रही थी। इस बीच मौत की खबर आने पर मची चीख-पुकार से पोस्टमार्टम हाउस का सन्नाटा टूटा।

पीएम हाउस पर कोई मां बच्चे की याद में रो रही थी तो कोई बहन नम आंखों से भाई की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही थी। कई लोगों के आंसू भी सूख चुके थे, लेकिन अपनों की तलाश जारी थी। कुछ लोग बार-बार पीएम हाउस के गेट की ओर देखते, फिर उम्मीद और निराशा के बीच खामोश बैठ जाते।

रात 9:15 बजे जालीदार लोहे के गेट के भीतर से पुलिसकर्मी की आवाज आई ज्योति के साथ कोई है? यह सुनते ही भीड़ में खड़ी मूर्ति देवी ने सिर हिलाते हुए कहा, हां, मैं हूं। इतना कहते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी। पास में मौजूद ज्योति के पिता कमता निवासी हरिचरन भी खुद को रोक नहीं पाए।

पुकार सुनकर भर आईं लोगों की आंखें
हादसे में जान गंवाने वाले निलेश के परिजनों की चीख सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। इस बीच महिलाएं एक-दूसरे को संभालने की कोशिश कर रही थीं। साथ आए बुजुर्ग की हालत भी बिगड़ गई। वह रोते-रोते जमीन पर बैठ गए, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें पानी पिलाकर संभालने का प्रयास किया। एक युवती निलेश-निलेश चिल्लाते हुए आई ।

लोग करते रहे फोन... समय से नहीं पहुंची दमकल

Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
अलीगंज में अग्निकांड के बाद होता राहतकार्य।

 कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग में आग लगते ही स्थानीय लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। फौरन दमकल विभाग को कॉल कर मदद मांगी गई। बार-बार कॉल करने के बाद भी फायर ब्रिगेड समय से नहीं पहुंची। दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में 40 मिनट लग गए। इसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

दमकल के देर से पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। शुरू में एक दमकल पहुंची, जिसके बाद उच्चाधिकारियों को अग्निकांड की विकराल स्थिति के बारे में बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर के सभी फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। बिल्डिंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी बुलानी पड़ी, जिसे पहुंचने में देर हुई। दमकल कर्मी बिल्डिंग के पड़ोस में स्थित मकान की छत पर पहुंचे। इसके बाद बिल्डिंग की दीवार तोड़ी गई। इससे धुआं बाहर निकला, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। एसडीआरएफ को भी मदद के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों ने आग में फंसे नौ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद घायलों को ट्रॉमा सेंटर भिजवाया गया।

एक-दूसरे पर टालते रहे, एंबुलेंस भी देर से आई
लापरवाही ऐसी थी कि एंबुलेंस भी समय से नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का आरोप है कि 102 हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया गया तो कॉल उठाने वाले ने कहा कि आप 108 नंबर पर फोन करें। यही नहीं, 108 नंबर के कर्मी 102 पर कॉल करने के लिए कहते रहे। इससे काफी देर तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाई। काफी देर बाद उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया तो बड़ी संख्या में एंबुलेंस को रवाना किया गया। देर रात तक एंबुलेंस घटना स्थल पर खड़ी रहीं।

लपटों के बीच उठती रही चीत्कार... फिर खामोशी

Lucknow: Fire caused by AC compressor bursting claimed the lives of 15 children
अलीगंज स्थित बिल्डिंग में रविवार को लगी आग में ़15 लोगों की गई जान।  - फोटो : संवाद

अलीगंज सेक्टर-डी में सोमवार को कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग में लगी आग में फंसे लोग मदद की गुहार लगाते रहे। तेज लपटों के बीच बिल्डिंग के अंदर से आने वाली चीत्कारें ऐसी थीं कि बाहर खड़े लोग भी अंदर तक दहल जाते थे। आग के बीच मदद की गुहार लगाने वाले बच्चों की आवाजें थोड़ी देर बाद शांत होती चली गईं।

इससे पहले कि राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाता 15 लोगों की जान चली गई। चिकित्सकों का कहना है कि प्रथमदृष्टया सभी की मौत दम घुटने से होना प्रतीत हो रहा है। धुएं के कारण दम घुटने से लोगों की सांसें थम गईं। इसके बाद आग से लोगों के शव झुलस गए। आग पर काबू पाने के बाद दमकल और एसडीआरएफ के जवानों ने एक-एक कर शवों को बाहर निकाला। कुछ शव बुरी तरह जल गए थे, जिन्हें बोरे में भरकर एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। देर रात तक टॉर्च की रोशनी में मलबे के बीच शवों की तलाश होती रही। सुरक्षा के लिहाज से रात तक बड़ी संख्या में पुलिस बल घटना स्थल पर मौजूद रही।

मौके पर नहीं आया भवन स्वामी
बिल्डिंग में आग की खबर पाकर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने लोगों को किनारे हटाकर बचाव कार्य शुरू किया। इतनी भयावह घटना की जानकारी मिलने के बाद भी भवन स्वामी वीरेंद्र वहां नहीं पहुंचे। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी आ गई थीं, जिनकी आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह महिलाओं को संभाला और वहां से हटाया।

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