अलविदा 2018 : स्मार्ट सिटी के सपने को मिले पंख, उड़ान अभी बाकी
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स्मार्ट सिटी के सपने को पंख तो मिल गए, लेकिन परवाज अभी बाकी है। वर्ष 2018 में स्मार्ट सिटी योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ। इसके तहत कई काम ऐसे थे जिनको इस साल पूरा होना था, मगर वह अभी तक नहीं हो पाए। उनके पूरा होने से स्मार्ट सिटी क्षेत्र के अलावा शहर के अन्य इलाकों के लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसमें स्मार्ट रोड, स्मार्ट बस शेल्टर, हाईटेक कमांड कंट्रोल सेंटर, कैसरबाग क्षेत्र में सीवर-पेयजल लाइन जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनके लिए बजट पास हो गया है और टेंडर के जरिए काम करने वाली एजेंसियां भी तय हो चुकी हैं। वर्ष 2019 में ही अब ये काम पूरे हो सकेंगे।
मेट्रो के गो-कार्ड से काउंटर पर अदा कर सकेंगे हाउस टैक्स
मेट्रो के गो-स्मार्ट कार्ड से शहरवासी हाउस टैक्स भी जमा कर सकें, इसे लेकर काम शुरू होना है। यह काम इसी साल शुरू होना था मगर अब नए साल से यह काम शुरू हो सकेगा। इससे शहर की करीब छह लाख आबादी को हाउस टैक्स जमा करने की एक और सुविधा मिल जाएगी।
शहर में बनेंगे 200 स्मार्ट सिटी बस शेल्टर, एक बनकर तैयार
सिटी बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए शहर में स्मार्ट बस शेल्टर बनाए जाएंगे। जहां बैठने के लिए कुर्सियां, बैंक एटीएम, वाटर एटीएम के साथ सुरक्षा के इंतजाम रहेंगे। इसका एक मॉडल बनाकर तैयार भी कर दिया गया है। इसके लिए एजेंसी तय हो गई है और उसे शहर में 40 जगह बस शेल्टर बनाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
एक ही जगह से ट्रैफिक पर निगरानी
विरासत को संवारने के लिए इंटेक से एमओयू
सीवर लाइन में लगेंगे सेंसर
स्मार्ट सिटी योजना में कैसरबाग क्षेत्र में हाईटेक सीवर लाइन बिछाई जाएगी। शहर में पहली बार सीवर लाइन में सेंसर लगाने का काम किया जाएगा। पहले चरण में करीब 31 हजार मीटर लाइन बिछाई जाएगी और करीब 300 सेंसर लगाए जाएंगे। जिन इलाकों के लोगों को यह सुविधा मिलेगी उनमें अमीनाबाद, कैसरबाग, लाटूश रोड, पुराना लखनऊ का इलाका शामिल है। यह काम बजट के कारण नहीं हो पाया जो अब अगले साल होगा।
शहर की 50 सड़कें होंगी स्मार्ट, एक का टेंडर जारी
चमचमाती सड़क, नो ट्रैफिक जाम, अतिक्रमणमुक्त रोड जिस पर बिना किसी झंझट के सुरक्षा के साथ ड्राइविंग की जा सके और उसके फुटपाथ पर निश्चिंत होकर टहला या बैठा जा सके। शहर में ऐसी स्मार्ट रोड बनाए जाने का काम होना है। इसे लेकर शहर में 50 सड़कें चुनी भी गईं हैं, मगर काम नहीं शुरू हो सका। सूरज कुंड पार्क से लेकर डालीगंज अंडरपास तक जाने वाली एकमात्र सड़क का काम शुरू करने के लिए ही एजेंसी का चयन हो सका है। इस सड़क पर बिना सिग्नल लाइट के बिना रुके ट्रैफिक दौड़ेगा।