{"_id":"5f5120ae8ebc3e53725be81e","slug":"lucknow-crisis-on-job-of-employees-for-not-depositing-documents-in-three-hours-outsourcing-company-issued-tughlaqi-farmaan","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ : तीन घंटे में कागजात जमा न करने वालों की नौकरी पर संकट, आउटसोर्सिंग कंपनी ने जारी किया था तुगलकी फरमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ : तीन घंटे में कागजात जमा न करने वालों की नौकरी पर संकट, आउटसोर्सिंग कंपनी ने जारी किया था तुगलकी फरमान
Thu, 03 Sep 2020 10:28 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लकनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लकनऊ
Published by: Mohit Mudgal
Updated Thu, 03 Sep 2020 10:28 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी भी नौकरी में जरूरी कागजात जमा करने के लिए दो-चार दिन का समय देने की बात सुनी होगी, लेकिन एक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को जरूरी कागजात जमा करने के लिए महज तीन घंटे का समय दिया। यह तुगलकी फरमान जारी किया है, राज्य कौशल विकास मिशन निदेशालय में काम करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी ने।
विज्ञापन
इससे कंपनी में काम कर रहे तमाम कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। क्योंकि महज तीन घंटे में फील्ड में तैनात अधिकांश कर्मचारी अपने कागजात जमा नहीं कर पाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी और राज्य कौशल विकास मिशन के अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि वर्ष 2013-14 से राज्य कौशल विकास मिशन निदेशालय में संविदा पर मैनेजर समेत कई संवर्ग के कर्मचारी काम कर रहे हैं। अब मिशन का ज्यादातर काम आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है। इसी कड़ी में पहली जुलाई से कौशल विकास मिशन का काम एक नई कंपनी को दे दिया गया है।
विज्ञापन
कंपनी ने काम संभालने के कुछ दिन बाद ही संवर्ग वार शैक्षणिक योग्यता का नए सिरे से निर्धारण करते हुए 6-7 साल से काम कर रहे सभी कर्मियों से महज तीन घंटे में शैक्षिक प्रमाण पत्र देने को कहा। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि कर्मियों को कागजात जमा करने के संबंध में फोन से पहले ही सूचना दे गई है। जबकि कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी ने 31 अगस्त को दोपहर में करीब दो बजे ईमेल के जरिए उसी दिन शाम 5 बजे तक सभी कागजात निदेशालय में जमा करने का आदेश दिया था। कर्मचारियों के लिए यह आदेश का तत्काल पालन करना संभव नहीं था। इसी का बहाना बनाकर पुराने कर्मचारियों को निकालकर अब नए कर्मचारियों को रखने की तैयारी है।
उप्र कौशल विकास के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यदुवंशी ने राज्य कौशल विकास मिशन के निदेशक सहायक निदेशक पर आउटसोर्सिंग कंपनी के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मिशन निदेशक और आउटसोर्सिंग कंपनी मिलकर पुराने कर्मचारियों को निकालकर नए लोगों को रखने का षड्यंत्र कर रहे हैं।