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लखनऊ : 15 से 20 हजार में बेच रहे थे नकली रेमडेसिविर, 98 रुपये वाले इंजेक्शन पर लगाते थे लेवल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 27 Apr 2021 09:46 AM IST

सार

लखनऊ पुलिस ने सोमवार को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करके पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। ये लोग 98 रुपये के एंटीबायोटिक इंजेक्शन पर रेमडेसिविर का लेवल लगाकर जरूरतमंद लोगों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचते थे।
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रेमडेसिविर दवा
रेमडेसिविर दवा - फोटो : social media

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विस्तार

अमीनाबाद पुलिस ने सोमवार को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करके पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। ये लोग 98 रुपये के एंटीबायोटिक इंजेक्शन पर रेमडेसिविर का लेवल लगाकर जरूरतमंद लोगों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचते थे। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में एंटीबायोटिक इंजेक्शन, रेमडेसिविर के लेवल, इसकी खाली शीशियां व नकदी बरामद हुई है। मामले में धोखाधड़ी की धाराओं के साथ ही महामारी एक्ट, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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अलीगंज निवासी एक युवक कोरोना पीड़ित परिजन के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने के लिए परेशान था। इसी बीच युवक का संपर्क अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट में अपने बहनोई विकास दीक्षित की दुकान लक्ष्मी इंटरप्राइजेज में काम करने वाले मनीष तिवारी उर्फ तपन से हुआ। मनीष ने 15 से 20 हजार रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की बात कही। इस पर युवक इंजेक्शन लेने सोमवार दोपहर अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट पहुंच गया। युवक को इंजेक्शन नकली होने का शक हुआ तो उसने इसकी फोटो खींचकर अपने डॉक्टर को व्हाट्सएप पर भेज दी।


फोटो देखते ही डॉक्टर ने युवक को कॉल करके बताया कि ये इंजेक्शन नकली है। युवक ने तुरंत अमीनाबाद थाने में शिकायत की। इस पर पुलिस ने तत्काल लक्ष्मी इंटरप्राइजेज पर छापा मारकर मनीष तिवारी व उसके बहनोई विकास दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने एक मकान पर छापा मारा। इस पर वहां मनीष व विकास के तीन अन्य साथी मोहित पांडेय, प्रवीण वर्मा व सूफियान नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन तैयार कर रहे थे। पुलिस ने इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया। 

इंस्पेक्टर अमीनाबाद आलोक कुमार राय ने बताया कि आरोपियों के पास से पीआईपी टी 4.5 जीएम इंजेक्शन के 240 पैकेट, 59 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशी, 4224 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के लेवल और अब तक नकली इंजेक्शन बेचकर कमाए गए 81,840 रुपये की नकदी बरामद हुई है।

इंस्पेक्टर अमीनाबाद आलोक कुमार राय ने बताया कि आरोपी मनीष तिवारी उर्फ तपन व मोहित पांडेय ठाकुरगंज के मुसाहिबगंज के मुरमुरी टोला के रहने वाले हैं। विकास कुमार दीक्षित केदार बिहार कालॉनी, बालागंज, ठाकुरगंज का रहने वाला है। जबकि प्रवीण वर्मा ग्राम नत्थमपुर, थाना कैसरगंज, बहराइच का रहने वाला है और यहां मड़ियांव थाने के पीछे किराए के मकान में रहता है। इसी तरह आरोपी सूफियान ग्राम मंगोलपुर, थाना लहरपुर, सीतापुर का रहने वाला है और यहां पारा थाना क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी में रहता है। 

इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के साथ ही महामारी अधिनियम, औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आरोपियों के कुछ अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिली है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।  
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760 नकली रेमडेसिविर बेच चुके आरोपी

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