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लखनऊ : शिव शांति संत आसूदाराम आश्रम में लगा रक्तदान व निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर, 750 लोगों ने कराई जांच
Mon, 11 Jan 2021 09:51 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 11 Jan 2021 09:51 PM IST
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आलमबाग स्थित संत आसूदा राम आश्रम में आयोजित रक्तदान शिविर।
- फोटो : अमर उजाला
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गुरु माता दयाली देवी की 5वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को वीआईपी रोड स्थित शिव शांति संत आसूदाराम आश्रम में रक्तदान व निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन हुआ। गुरु माता दयाली देवी सेवा मंडल, सखी बाबा युवा मंडल और अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित इन शिविरों में संत कंवरराम आरोग्य धाम व संत आसूदाराम आरोग्य धाम के डॉक्टर व स्टॉफ का सहयोग रहा। केजीएमयू ब्लड बैंक की टीम ने रक्तदान करवाया। शिविर का उद्घाटन आसूदाराम आश्रम साहिब के पीठाधीश्वर साईं चांदू्रराम ने किया। उन्होंने लोगों से रक्तदान शिविर में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
शिविर में सिंधी समाज के धर्मगुरु साईं मोहनलाल जी समेत 60 लोग रक्तदान करके महादानी बने। साईं हरीश लाल जी ने रक्तदानियों का उत्साह वर्धन किया। अमर उजाला फाउंडेशन ने रक्तदानियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, आश्रम परिसर में लगे निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर में 750 से अधिक लोगों ने नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रस्तुति रोग विशेषज्ञ और होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सक से चिकित्सीय सलाह व उपचार लिया। मरीजों को निशुल्क दवा का वितरण भी किया गया।
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शिविर में सिंधी समाज के धर्मगुरु साईं मोहनलाल जी समेत 60 लोग रक्तदान करके महादानी बने। साईं हरीश लाल जी ने रक्तदानियों का उत्साह वर्धन किया। अमर उजाला फाउंडेशन ने रक्तदानियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, आश्रम परिसर में लगे निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर में 750 से अधिक लोगों ने नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रस्तुति रोग विशेषज्ञ और होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सक से चिकित्सीय सलाह व उपचार लिया। मरीजों को निशुल्क दवा का वितरण भी किया गया।
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यह भी बने महादानी
आलमबाग स्थित संत आसूदा राम आश्रम में आयोजित रक्तदान शिविर।
- फोटो : अमर उजाला
साईं मोहनलाल, पूनम लता शर्मा, जफर अहमद, अशोक कुमार यादव, शिवम वर्मा, सिद्धार्थ कुमार, प्रीतम वलेचा, नौशाद अहमद, आकाश तिवारी, अविनाश कुमार, कन्हैया लाल, संदीप बलानी, नरेश पंजवानी, महेंद्र सिंह, सोनू, रमेश सिंह, ज्योति संघवानी, मुकेश वलेचा, संजय मध्यान, संदीप ललवानी, दीपक जायसवाल, लव ललवानी, वेदांत दुबे, राज सरस्वती, सत्यम, नेहा रिजवानी, चंदर कुकरेजा, लक्ष्मीचंद्र कालानी, राकेश राय, अभिषेक शर्मा, कृष्ण खेतपाल, वैभव द्विवेदी, अदनान खान, विशाल खट्टर, हिना रिजवानी, बबीता कुकरेजा, अन्नु, देवांश, दर्पण लखमानी, वरुण केवलानी, पवन चावला, आरती केवलानी, हंसराज, कविता, सरिता, राजेश आहूजा, वर्षा मलानी, अंकित, कोमल चावला, विश्वास सिंह, उपेंद्र कुमार, पंकज शुक्ला, नीरज कुमार, अमित कुमार व नीरज टंडन समेत अन्य लोग महादानी बने।
इनका रहा सहयोग
सिंधी समाज के धर्मगुरु साईं मोहन लाल ने भी किया रक्तदान
- फोटो : अमर उजाला
केजीएमयू के डॉ. जितेंद्र सिंह, एलटी बृजेश सिंह, नर्स गुड़िया, एलटी विवेक पाल, सुरेश सिंह, दिनेश चंद्र गौतम, सुरेश कुमार, राम निवास, जितेंद्र कुमार, धमेंद्र पाल, अमित कुमार, अमनदीप मिश्रा, कोमल, संगीता, कविता वर्मा समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
चिकित्सा शिविर में इनका रहा सहयोग
अशोक केवलानी, प्रीतम वलेचा, मुकेश एलानी, हंसराज, सावल कुकरेजा, श्याम केशरवानी, कमल माखीजा, सतीश कुकरेजा, कैलाश शिवानी, अजित जोगी, दीपाक्षी, विक्की चैनानी, मोहन समेत अन्य लोगों का सहयोग रहा।
शिविर में इन डॉक्टरों ने दिया योगदान
फिजिशियन :- डॉ. गुरबक्श सिंह, डॉ. ओरिन्द्र सिंह।
स्त्री रोग विशेषज्ञ : डॉ. इंदू सक्सेना, डॉ. संतोष सहानी, डॉ. शिल्पी सिंह।
दंत रोग : डॉ. नितिन खन्ना, डॉ. पंकज तनेजा।
नेत्र रोग : डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल।
हड्डी रोग : डॉ. महेंद्र सिंह छाबड़ा, डॉ. राजेश मेहता।
नाक, कान, गला रोग: डॉ. राजेश शमशेरी।
बाल रोग : डॉ. मानस शुक्ला।
होम्योपैथिक : डॉ. कुमुद कुमार द्विवेदी, डॉ. रोहित आहूजा।
आयुर्वेदिक : डॉ. वीके सिंह
चिकित्सा शिविर में इनका रहा सहयोग
अशोक केवलानी, प्रीतम वलेचा, मुकेश एलानी, हंसराज, सावल कुकरेजा, श्याम केशरवानी, कमल माखीजा, सतीश कुकरेजा, कैलाश शिवानी, अजित जोगी, दीपाक्षी, विक्की चैनानी, मोहन समेत अन्य लोगों का सहयोग रहा।
शिविर में इन डॉक्टरों ने दिया योगदान
फिजिशियन :- डॉ. गुरबक्श सिंह, डॉ. ओरिन्द्र सिंह।
स्त्री रोग विशेषज्ञ : डॉ. इंदू सक्सेना, डॉ. संतोष सहानी, डॉ. शिल्पी सिंह।
दंत रोग : डॉ. नितिन खन्ना, डॉ. पंकज तनेजा।
नेत्र रोग : डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल।
हड्डी रोग : डॉ. महेंद्र सिंह छाबड़ा, डॉ. राजेश मेहता।
नाक, कान, गला रोग: डॉ. राजेश शमशेरी।
बाल रोग : डॉ. मानस शुक्ला।
होम्योपैथिक : डॉ. कुमुद कुमार द्विवेदी, डॉ. रोहित आहूजा।
आयुर्वेदिक : डॉ. वीके सिंह
महादानी बोले- रक्तदान करना नेक काम
आलमबाग स्थित संत आसूदा राम आश्रम में अमर उजाला द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर।
- फोटो : अमर उजाला
मनुष्य को सदैव सकारात्मक सोच और निस्वार्थ भाव के साथ जीवन में लोगों की मदद करनी चाहिए। जरूरतमंदों की मदद करने से ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं। मैं इसीलिए रक्तदान करता हूं कि लोगों के काम आ सकूं और अपने समाज को प्रेरणा दे सकूं।
- साईं मोहनलाल जी
तीसरी बार रक्तदान कर रही हूं, बहुत अच्छा लग रहा है। ये एक नेक काम है। सभी स्वस्थ महिलाओं को इसमें आगे आकर रक्तदान करना चाहिए। अवध हॉस्पिटल में लगे कैंप से रक्तदान करने की प्रेरणा मिली थी, जिसे जारी रखे हुए हूं। आगे भी रक्तदान करती रहूंगी।
- पूनम लता शर्मा, मेडिकल कर्मी
पति को रक्तदान करता देख मुझे भी महादानी बनने की प्रेरणा मिली। पहली बार रक्तदान किया है। पहले कई दफा रक्तदान के लिए शिविरों में गई, मगर हीमोग्लोबिन या दूसरी समस्या की वजह से रक्तदान नहीं कर पाई। अब जब भी मौका मिलेगा रक्तदान करने आऊंगी।
- ज्योति संघवानी
अब तक छह बार रक्तदान कर चुका हूं। जब भी मौका मिलता है तो रक्तदान करने जाता हूं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। इसी बीच समय निकाल कर रक्तदान करने आया हूं। अपने साथियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करता हूं।
- अवनीश कुमार, छात्र
आसूदाराम आश्रम में समाज सेवा करते हुए एहसास हुआ कि इससे बड़ा नेक काम नहीं है। जब भी कहीं शिविर लगता है मैं जरूर रक्तदान करता हूं। अब तक 10 बार रक्तदान कर चुका हूं। यह सेवा का काम है। समाज के हर व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
- कन्हैया लाल
तीसरी बार रक्तदान कर रही हूं। जब भी मौका मिलता है तो रक्तदान करती हूं। रक्तदान करने से कोई कमजोरी नहीं होती है। अपनी परिचित महिलाओं को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करती हूं, क्योंकि इससे बड़ा पुण्य का और कोई काम नहीं है।
- शान्या लखमानी, गृहिणी
स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन माह पर रक्तदान करना चाहिए। मैं अब तक चार बार रक्तदान कर चुका हूं। किसी को रक्त की जरूरत होने पर रक्तदान के लिए हमेशा आगे खड़ा रहता हूं। मैं अपने आस पड़ोस के लोगों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करता रहता हूं।
- लक्ष्मी चंद्र कलानी, व्यवसायी
रक्तदान करने से आप कई जरूरतमंद लोगों के निस्वार्थ भाव से काम आते हैं। इससे बड़ा और कोई पुण्य का काम नहीं है। इसलिए मुझे जब भी मौका मिलता है मैं रक्तदान करता हूं। सभी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
- मुकेश वलेचा, व्यवसायी
- साईं मोहनलाल जी
तीसरी बार रक्तदान कर रही हूं, बहुत अच्छा लग रहा है। ये एक नेक काम है। सभी स्वस्थ महिलाओं को इसमें आगे आकर रक्तदान करना चाहिए। अवध हॉस्पिटल में लगे कैंप से रक्तदान करने की प्रेरणा मिली थी, जिसे जारी रखे हुए हूं। आगे भी रक्तदान करती रहूंगी।
- पूनम लता शर्मा, मेडिकल कर्मी
पति को रक्तदान करता देख मुझे भी महादानी बनने की प्रेरणा मिली। पहली बार रक्तदान किया है। पहले कई दफा रक्तदान के लिए शिविरों में गई, मगर हीमोग्लोबिन या दूसरी समस्या की वजह से रक्तदान नहीं कर पाई। अब जब भी मौका मिलेगा रक्तदान करने आऊंगी।
- ज्योति संघवानी
अब तक छह बार रक्तदान कर चुका हूं। जब भी मौका मिलता है तो रक्तदान करने जाता हूं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। इसी बीच समय निकाल कर रक्तदान करने आया हूं। अपने साथियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करता हूं।
- अवनीश कुमार, छात्र
आसूदाराम आश्रम में समाज सेवा करते हुए एहसास हुआ कि इससे बड़ा नेक काम नहीं है। जब भी कहीं शिविर लगता है मैं जरूर रक्तदान करता हूं। अब तक 10 बार रक्तदान कर चुका हूं। यह सेवा का काम है। समाज के हर व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
- कन्हैया लाल
तीसरी बार रक्तदान कर रही हूं। जब भी मौका मिलता है तो रक्तदान करती हूं। रक्तदान करने से कोई कमजोरी नहीं होती है। अपनी परिचित महिलाओं को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करती हूं, क्योंकि इससे बड़ा पुण्य का और कोई काम नहीं है।
- शान्या लखमानी, गृहिणी
स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन माह पर रक्तदान करना चाहिए। मैं अब तक चार बार रक्तदान कर चुका हूं। किसी को रक्त की जरूरत होने पर रक्तदान के लिए हमेशा आगे खड़ा रहता हूं। मैं अपने आस पड़ोस के लोगों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करता रहता हूं।
- लक्ष्मी चंद्र कलानी, व्यवसायी
रक्तदान करने से आप कई जरूरतमंद लोगों के निस्वार्थ भाव से काम आते हैं। इससे बड़ा और कोई पुण्य का काम नहीं है। इसलिए मुझे जब भी मौका मिलता है मैं रक्तदान करता हूं। सभी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
- मुकेश वलेचा, व्यवसायी