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लखनऊ पहुंचा माफिया मुख्तार अंसारी : जेल में मारपीट मामले में आरोप तय, सुनवाई 8 को

Tue, 29 Mar 2022 01:12 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 29 Mar 2022 01:12 AM IST
सार

सरकारी जमीन कब्जाने के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बांदा से लखनऊ लाया गया। जहां उसे एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया गया।

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Lucknow: Bahubali Mukhtar Ansari was taken to Lucknow
लालगंज से पुलिस की वाहन में गुजरते मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को कड़ी सुरक्षा में सोमवार को लखनऊ लाया गया। उस पर लखनऊ के पॉश इलाके में जमीन कब्जाने के मामले में केस चल रहा है। उसे सड़क मार्ग से लखनऊ लाया गया और एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया गया। मुख्तार अंसारी दोपहर करीब डेढ़ बजे पेशी पर लखनऊ में एसीजेएम तृतीय की कोर्ट में लाया गया। जिसके लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे। उसके यहां पहुंचने से पहले आलाधिकारियों ने कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

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उसका काफिला फतेहपुर से लालगंज होते हुए लखनऊ पहुंचा। इसे लेकर स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। जगह-जगह पुलिस लगाई गई थी। करीब 11:15 बजे उनका बज्र वाहन कड़ी सुरक्षा के बीच लालगंज कस्बे से होते हुए गुजरा। मीडिया के लोगों का भी भारी जमावड़ा था। मुख़्तार के काफिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ कुछ प्राइवेट वाहन भी साथ थे। लोगों का कयास है कि प्राइवेट वाहनों में मुख्तार के समर्थक रहे होंगे।
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एमपी-एमएलए कोर्ट ने लखनऊ जेल के अंदर मारपीट और बलवा करके अराजकता फैलाने के 21 साल पुराने मामले में मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इससे पहले मुख्तार को बांदा जेल से लाकर विशेष एसीजेएम अंबरीश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया। मामले में अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। वहीं, सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में 2 अप्रैल को सुनवाई होगी।
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पत्रावली के अनुसार लखनऊ जेल के तत्कालीन कारापाल एसएन द्विवेदी ने 3 अप्रैल 2000 को आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 मार्च 2000 को पेशी से लौटे बंदियों को जेल के अंदर लिया जा रहा था। तभी क्वारंटीन बैरक में बंद मुख्तार के साथी यूसुफ चिश्ती, आलम, कल्लू पंडित व लालजी यादव ने बंदी चांद को मारना शुरू कर दिया। चीखने की आवाज पर वादी और अन्य कर्मचारी बचाने गए तो आरोपियों ने उन पर पथराव कर बैरक में भाग गए।
 
उधर, जियामऊ में सरकारी जमीन पर घर बनवाने के मामले में कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई। विशेष एसीजेएम ने इस मामले की सुनवाई के लिए दो अप्रैल की तारीख तय की है। इस मामले की रिपोर्ट लेखपाल सुरजन लाल ने 27 अगस्त 2020 को हजरतगंज थाने में दर्ज कराई थी। 


मुख्तार ने मांगी सुरक्षा 
मुख्तार ने कोर्ट में जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग वाली अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने स्कॉट प्रभारी को निर्देश दिया कि वह मुख्तार को यथाशीघ्र पूरी सुरक्षा के साथ बांदा जेल में सुरक्षित दाखिला कराना सुनिश्चित करें। मुख्तार ने कहा कि हमले का मुख्य आरोपी बृजेश सिंह इस समय सत्तारूढ़ दल में शामिल है। इस कारण पुलिस व प्रशासन पर अनैतिक प्रभाव डाल कर उसे मुकदमे में गवाही न देने का दबाव बनाया जा रहा है। कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए अगली तारीख तय की है। 

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