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दिल्ली एनसीआर से ज्यादा जहरीली हुई लखनऊ की हवा, एक्यूआई 479 पर पहुंचा
Sat, 07 Nov 2020 12:00 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 07 Nov 2020 12:00 PM IST
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प्रदेश की राजधानी लखनऊ की हवा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से से भी ज्यादा जहरीली हो चुकी है। शुक्रवार की शाम लखनऊ का एक्यूआई 479 पर पहुंच गया, जबकि गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ का एक्यूआई इससे कम था। शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही स्थिति न सुधरने पर सरकार कड़े एहतियाती कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक, शुक्रवार को लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 479 तक पहुंच गया, जो स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी घातक है। कानपुर का एक्यूआई 438 रहा। करवाचौथ पर पटाखे छोड़े जाने को भी लखनऊ में वायु प्रदूषण बढ़ने का कारण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नोएडा की बात करें तो यहां का एक्यूआई 379-424 के मध्य और ग्रेटर नोएडा का 404-449 के मध्य रहा। गाजियाबाद में अलग-अलग स्थानों पर एक्यूआई 439 से 446 के बीच रहा। एक्यूआई 400 से ऊपर रहने पर इसे स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी खतरनाक माना जाता है।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेरठ में अलबता वायु प्रदूषण कम कम मिला है। यहां एक्यूआई 282 से 379 के मध्य नापा गया। वाराणसी में एक्यूआई 330 रहा। नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक, 0 से 50 तक एक्यूआई रहने पर हवा को अच्छा माना जाता है। 51 से 100 को संतोषजनक और 101 से 200 को मध्यम स्थिति में रखा गया है। एक्यूआई 200 से ऊपर होने पर हवा की स्थिति को खराब माना जाता है।
शुक्रवार को एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर संसदीय समिति की बैठक भी हुई, जिसमें वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी संभव उपाय करने पर विचार किया गया। इसमें उतर प्रदेश के भी अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
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नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक, शुक्रवार को लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 479 तक पहुंच गया, जो स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी घातक है। कानपुर का एक्यूआई 438 रहा। करवाचौथ पर पटाखे छोड़े जाने को भी लखनऊ में वायु प्रदूषण बढ़ने का कारण माना जा रहा है।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नोएडा की बात करें तो यहां का एक्यूआई 379-424 के मध्य और ग्रेटर नोएडा का 404-449 के मध्य रहा। गाजियाबाद में अलग-अलग स्थानों पर एक्यूआई 439 से 446 के बीच रहा। एक्यूआई 400 से ऊपर रहने पर इसे स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी खतरनाक माना जाता है।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेरठ में अलबता वायु प्रदूषण कम कम मिला है। यहां एक्यूआई 282 से 379 के मध्य नापा गया। वाराणसी में एक्यूआई 330 रहा। नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक, 0 से 50 तक एक्यूआई रहने पर हवा को अच्छा माना जाता है। 51 से 100 को संतोषजनक और 101 से 200 को मध्यम स्थिति में रखा गया है। एक्यूआई 200 से ऊपर होने पर हवा की स्थिति को खराब माना जाता है।
शुक्रवार को एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर संसदीय समिति की बैठक भी हुई, जिसमें वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी संभव उपाय करने पर विचार किया गया। इसमें उतर प्रदेश के भी अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।