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Lucknow: कंपनी में निवेश के नाम पर 65.40 लाख ठगे, शुरू में विश्वास जीतने के लिए दिया मुनाफा फिर किया खेल
Sun, 20 Jul 2025 07:53 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 20 Jul 2025 07:53 PM IST
सार
कंपनी में निवेश को लेकर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। ठग ने विश्वास जीतने के लिए पहले मुनाफा दिया और फिर खेल कर दिया।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
गोमतीनगर के सरयू अपार्टमेंट निवासी उन्मेश मिश्रा ने केएपी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सर्विसेज प्रा. लि व केएपी कंसल्टेंसी के निदेशक कुणाल मेहता पर निवेश के नाम पर उनसे 65.40 लाख की ठगी का आरोप लगाया है। मामले में विभूतिखंड पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज की है।
उन्मेश के मुताबिक जनवरी 2020 में वह गोमतीनगर के लोहिया पथ पर रहते थे। तब उनकी मुलाकात पड़ोसी कुणाल से हुई। उसने खुद को सीए बताते हुए कहा कि वह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एल्फेंटाइन ग्लोबल वेंचर्स कंपनी का प्रमोटर है। आरोपी ने बताया कि वह लोगों से कंपनियों में निवेश कराता है। इसके बदले अच्छा मुनाफा भी देता है। बातों में आए उन्मेश भी निवेश को राजी हो गए।
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उन्होंने अप्रैल 2023 से जून 2023 तक आरोपी को 65.40 लाख रुपये दिए। ठग ने कुछ रकम एल्फेंटाइन ग्लोबल वेंचर्स में लगाई और कुछ केएपी कंसल्टेंसी सर्विसेज में निवेश की। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुणाल ने पीड़ित को मुनाफा दिया, जो जून 2024 के बाद देना बंद कर दिया। इसके बाद ठग भाग निकला। फरवरी 2025 में एक और निवेशक के जरिये कुणाल ने उन्मेश से संपर्क किया और बताया कि एक मामले में वह मुंबई में जेल में बंद था।
कोर्ट ने उसके सारे खाते फ्रीज कर दिए हैं। ऐसे में वह न रकम लौटा पाएगा और न मुनाफा दे पाएगा। आरोपी ने पीड़ित से कुछ दिन का समय मांगा और फिर भाग निकला। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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उन्मेश के मुताबिक जनवरी 2020 में वह गोमतीनगर के लोहिया पथ पर रहते थे। तब उनकी मुलाकात पड़ोसी कुणाल से हुई। उसने खुद को सीए बताते हुए कहा कि वह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एल्फेंटाइन ग्लोबल वेंचर्स कंपनी का प्रमोटर है। आरोपी ने बताया कि वह लोगों से कंपनियों में निवेश कराता है। इसके बदले अच्छा मुनाफा भी देता है। बातों में आए उन्मेश भी निवेश को राजी हो गए।
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उन्होंने अप्रैल 2023 से जून 2023 तक आरोपी को 65.40 लाख रुपये दिए। ठग ने कुछ रकम एल्फेंटाइन ग्लोबल वेंचर्स में लगाई और कुछ केएपी कंसल्टेंसी सर्विसेज में निवेश की। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुणाल ने पीड़ित को मुनाफा दिया, जो जून 2024 के बाद देना बंद कर दिया। इसके बाद ठग भाग निकला। फरवरी 2025 में एक और निवेशक के जरिये कुणाल ने उन्मेश से संपर्क किया और बताया कि एक मामले में वह मुंबई में जेल में बंद था।
कोर्ट ने उसके सारे खाते फ्रीज कर दिए हैं। ऐसे में वह न रकम लौटा पाएगा और न मुनाफा दे पाएगा। आरोपी ने पीड़ित से कुछ दिन का समय मांगा और फिर भाग निकला। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।