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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: 50 thousand betel nut was given for Shoaib's murder, interest was recovered at the rate of two percent per day, four arrested

लखनऊ : शोएब की हत्या के लिए दी गई थी 50 हजार की सुपारी, प्रतिदिन दो प्रतिशत की दर होती थी ब्याज की वसूली, चार गिरफ्तार

Thu, 23 Dec 2021 10:16 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 23 Dec 2021 10:16 PM IST
सार

शोएब खान टायर के कारोबार के साथ ही सूदखोरी भी करता था। 14 दिसंबर को शोएब बाइक लेकर घर से निकला था। कुछ घंटों बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। शोएब के भाई व अधिवक्ता आमिर हमजा ने 15 दिसंबर को कैसरबाग कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

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Lucknow: 50 thousand betel nut was given for Shoaib's murder, interest was recovered at the rate of two percent per day, four arrested
गिरफ्तार किए गए आरोपियों को डीसीपी पश्चिम के कार्यालय में पेश किया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टायर व्यापारी मो. शोएब की हत्या का कैसरबाग पुलिस व क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपियों ने शोएब से ब्याज पर मोटी रकम ली थी और प्रतिदिन दो प्रतिशत की दर से ब्याज की वसूली से परेशान थे। दोनों ने पूछताछ में बताया कि शोएब ब्याज वसूलने के लिए उन्हें धमकाता था। इसी के चलते परेशान होकर उसकी हत्या की साजिश रची और खदरा के ही एक परिचित को 50 हजार रुपये में सुपारी दे दी थी। फिर शोएब को बहाने से खदरा के टायर गोदाम में बुलाकर लोहे की रॉड से हमला कर  हत्या के बाद शव डाला से सीतापुर के सरैया पुल से शारदा नहर में फेंक दिया।

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डीसीपी (पश्चिम) सोमेन बर्मा ने बताया कि कैसरबाग के खंदारी बाजार निवासी मो. शोएब खान टायर के कारोबार के साथ ही सूदखोरी भी करता था। 14 दिसंबर को शोएब बाइक लेकर घर से निकला था। कुछ घंटों बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। शोएब के भाई व अधिवक्ता आमिर हमजा ने 15 दिसंबर को कैसरबाग कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। डीसीपी ने बताया कि पुलिस व क्राइम ब्रांच को छानबीन में पता चला कि 14 दिसंबर को शोएब खदरा निवासी परिचित नसीम अहमद उर्फ राजा के पास गया था। खदरा के एक होटल पर दोनों ने साथ में जलपान किया था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई थी। इस पर नसीम को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने शोएब की हत्या की कुबूल कर ली।
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डीसीपी सोमेन बर्मा के मुताबिक, नसीम ने बताया कि उसने ढाई साल में शोएब से करीब 20 लाख रुपये कर्ज लिया था। शोएब इस रकम का दो प्रतिशत प्रतिदिन की दर से ब्याज वसूलता था। ब्याज न दे पाने पर वह धमकाता था। अपने अधिवक्ता भाई की धौंस जमाकर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता था। नसीम ने बताया कि खदरा के ही शोएब खान उर्फ टोपी ने भी मो. शोएब से नौ लाख रुपये कर्ज लिया था और वो भी मोटे ब्याज से परेशान था। शोएब टोपी को भी शोएब धमकाता था। इसी के चलते 10 दिसंबर को नसीम व शोएब टोपी ने मिलकर शोएब को रास्ते से हटाने का फैसला किया। फिर दोनों ने मक्कागंज खदरा निवासी मो. अकील को 50 हजार रुपये में शोएब की हत्या करने के लिए राजी कर लिया।
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एसीपी कैसरबाग पवन गौतम ने बताया कि कैसरबाग इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह और क्राइम ब्रांच/सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह व इंस्पेक्टर राकेश मिश्र की टीम ने आरोपी नसीम अहमद उर्फ राजा निवासी खदरा, शोएब खान उर्फ टोपी निवासी हरी मस्जिद खदरा, अकील निवासी मक्कागंज, खदरा और शादाब निवासी ग्राम जलालपुर भडई, थाना बिसवां, सीतापुर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर शोएब की अपाचे बाइक, वारदात में इस्तेमाल लोहे का रॉड, डाला वाहन, शोएब की अंगूठी व पर्स बरामद हुआ है।  

ऐसे अंजाम दी वारदात
एडीसीपी (क्राइम) प्राची सिंह ने बताया कि नसीम ने 14 दिसंबर को खदरा के होटल पर शोएब को कोल्डड्रिंक पिलाई। फिर साजिश के तहत उसे खदरा में ही स्थित शोएब टोपी के टायर के गोदाम में ले गया। वहां अकील पहले से मौजूद था। बातचीत के दौरान अकील ने पीछे से लोहे की रॉड से शोएब के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। शव ठिकाने लगाने के लिए शोएब टोपी ने अपने परिचित शादाब निवासी ग्राम जलालपुर भडई, थाना बिसवां, सीतापुर को डाला लेकर बुलाया। फिर आरोपियों ने डाला में शव लादकर सीतापुर के सरैया पुल से शारदा नहर में फेंक दिया। डाला चालक शादाब को पांच हजार रुपये दिए गए थे। आरोपियों ने शोएब की बाइक इटौंजा रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में छिपा दी और उसका मोबाइल सुल्तानपुर रोड पर एचसीएल के पास ईंट से कूंचकर फेंक दिया था।

इंदिरा नहर में शव की तलाश जारी
कैसरबाग पुलिस की एक टीम इंदिरा नहर में गोताखोरों की मदद से शोएब के शव की तलाश करा रही है। डीसीपी (पश्चिम) सोमेन बर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम तक शव नहीं मिला था। आशंका है पानी के तेज बहाव में शव काफी दूर बह गया है। तलाश जारी है।

ब्याज वसूलने के लिए भी लेना पड़ता था कर्ज
पुलिस गिरफ्त में आए नसीम और शोएब टोपी ने बताया कि दो प्रतिशत प्रतिदिन की दर से ब्याज देने के लिए भी कई बार शोएब से ही और कर्ज लेना पड़ा। अन्य लोगों से भी कर्ज लेकर ब्याज देना पड़ रहा था। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल हो गई थी।


परिवार ने छिपाई ब्याज पर रुपये चलाने की बात
डीसीपी (क्राइम) पीके तिवारी के मुताबिक, शोएब सूदखोरी का काम करता था, ये बात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पता चली। यदि समय रहते परिवार के लोग सूदखोरी की जानकारी दे देते तो सही दिशा में छानबीन कर पहले ही वारदात का खुलासा हो जाता।

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