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लविवि : सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस में बड़ा इजाफा
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लखनऊ विश्वविद्यालय
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस में बड़ा इजाफा किया गया है। कई कोर्सों में फीस लगभग दोगुनी तक बढ़ गई है, जिससे अभिभावकों को जेब और ढीली करनी होगी। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी तब की गई, जब प्रवेश के लिए आवेदन पहले ही हो चुके हैं।
बीएससी में जहां पहले करीब 13 हजार रुपये फीस थी, अब उसे बढ़ाकर लगभग 26 हजार रुपये कर दिया गया है। बीकॉम में फीस 25 हजार से बढ़कर करीब 47 हजार रुपये हो गई है। बीबीए में फीस छह हजार से सीधे 13 हजार कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बढ़ते खर्च और संसाधनों की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
फीस वृद्धि का चार्ट (रुपये में)
कोर्स नई फीस पुरानी फीस
बीएससी सेल्फ फाइनेंस 26,330 13,580
बीबीए 13,500 6,380
पब्लिक हेल्थ 47,330 25,580
बीएससी एग्री 54,505 54,005
बीकॉम (ऑनर्स) 40,232 28,330
बीकॉम 40,580 35,080
बीसीए 49,500 35,080 बीवोक रिटेल 10,572 6,372 बीवोक टेक्नोलॉजी 20,830 15,630 बीवोक सॉफ्टवेयर 3,727 3,527 बीवोक रिन्यूएबल 4,027 3,827 बीवोक सेल्फ फाइनेंस 22,732 15,830
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फीस बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह आर्थिक दबाव लविवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. अनित्य गौरव का कहना है कि साल 1991 से प्रदेश सरकार ने विवि को दी जाने वाले ग्रांट में बढ़ोतरी नहीं है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है। फीस बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण आर्थिक दबाव है।
लविवि, प्रवक्ता, प्रो. मुकुल श्रीवास्तव के अनुसार विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या पर संसाधनों और अन्य खर्चों के लिए सरकार से मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं है। ऐसे में फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, नियमित (रेगुलर) कोर्स की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फीस बढ़ोतरी के साथ कुछ कोर्स में सीटें भी बढ़ाई गई हैं, ताकि ज्यादा छात्रों को मौका मिल सके।
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बीएससी में जहां पहले करीब 13 हजार रुपये फीस थी, अब उसे बढ़ाकर लगभग 26 हजार रुपये कर दिया गया है। बीकॉम में फीस 25 हजार से बढ़कर करीब 47 हजार रुपये हो गई है। बीबीए में फीस छह हजार से सीधे 13 हजार कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बढ़ते खर्च और संसाधनों की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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फीस वृद्धि का चार्ट (रुपये में)
कोर्स नई फीस पुरानी फीस
बीएससी सेल्फ फाइनेंस 26,330 13,580
बीबीए 13,500 6,380
पब्लिक हेल्थ 47,330 25,580
बीएससी एग्री 54,505 54,005
बीकॉम (ऑनर्स) 40,232 28,330
बीकॉम 40,580 35,080
बीसीए 49,500 35,080 बीवोक रिटेल 10,572 6,372 बीवोक टेक्नोलॉजी 20,830 15,630 बीवोक सॉफ्टवेयर 3,727 3,527 बीवोक रिन्यूएबल 4,027 3,827 बीवोक सेल्फ फाइनेंस 22,732 15,830
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फीस बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह आर्थिक दबाव लविवि शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. अनित्य गौरव का कहना है कि साल 1991 से प्रदेश सरकार ने विवि को दी जाने वाले ग्रांट में बढ़ोतरी नहीं है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है। फीस बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण आर्थिक दबाव है।
लविवि, प्रवक्ता, प्रो. मुकुल श्रीवास्तव के अनुसार विश्वविद्यालय में अध्ययन के लिए विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या पर संसाधनों और अन्य खर्चों के लिए सरकार से मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं है। ऐसे में फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, नियमित (रेगुलर) कोर्स की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फीस बढ़ोतरी के साथ कुछ कोर्स में सीटें भी बढ़ाई गई हैं, ताकि ज्यादा छात्रों को मौका मिल सके।