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श्रावस्ती : शौर्य व धैर्य की धरती पर सब्र का इम्तिहान, सपा-बसपा ने अभी नहीं खोले पत्ते
Wed, 10 Apr 2024 12:22 PM IST
ishwar ashish
शांति स्वरूप पांडेय, अमर उजाला, श्रावस्ती
शांति स्वरूप पांडेय, अमर उजाला, श्रावस्ती
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 10 Apr 2024 12:22 PM IST
सार
श्रावस्ती लोकसभा सीट पर जनता को अभी भी सपा-बसपा के प्रत्याशियों का इंतजार है जबकि भाजपा ने साकेत मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। ये कार्यकर्ता, समर्थक व मतदाताओं के भी सब्र का इम्तिहान साबित हो रहा है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
शौर्य व धैर्य की धरती पर सब्र का इम्तिहान चल रहा है। श्रावस्ती लोकसभा सीट पर प्रमुख विपक्षी दल सपा व बसपा ने अभी पत्ता नहीं खोला, वहीं पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा को भी पार्टी में अपने समायोजन का इंतजार है। ऐसे में जहां संभावित दावेदारों का धैर्य डगमगाने लगा है, वहीं समर्थकों व मतदाताओं का भी अब सब्र जवाब देने लगा है।
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अचरावती की धरती से सत्ता की सीढ़ी चढ़ने वाले भारतीय राजनीति के अजातशत्रु भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यहां हार का भी सामना करना पड़ा था। तथागत भगवान बुद्ध व अंगुलिमाल की इस धरती से राजनीतिक संत नाना जी देशमुख ने चुनाव जीता तो बृजभूषण शरण सिंह व रिजवान जहीर भी सदन पहुंचे। इसी धरती ने माफिया डॉन अतीक अहमद को नकारा तो कुशल तिवारी को भी सदन जाने से रोक दिया।
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श्रावस्ती से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे प्रधानमंत्री मोदी के कैबिनेट सेक्रेटरी रहे श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के पुत्र व पूर्व नौकरशाह साकेत मिश्रा ने पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा को लोकसभा के टिकट से वंचित कर दिया। यहां सपा व बसपा दावेदारों की लंबी सूची होने के बाद भी दोनों दल प्रत्याशी तय नहीं कर पा रहे हैं।
वहीं, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा को पार्टी में अपने समायोजन का इंतजार है। ऐसे में शौर्य व धैर्य की इस धरती पर सिर्फ दावेदार की ही नहीं कार्यकर्ता, समर्थक व मतदाताओं के भी सब्र का इम्तिहान चल रहा है। टिकट वितरण में हो रही देरी से अब संभावित दावेदारों का ही नहीं बल्कि समर्थक व मतदाताओं का भी धैर्य जवाब दे रहा है।