लोकपाल से नहीं मिटेगा भ्रष्टाचार: लोकायुक्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने रविवार की शाम कहा कि लोकपाल या लोकायुक्त बनाने से भ्रष्टाचार का खात्मा नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज में चरित्र निर्माण करना होगा। किसी ने भ्रष्टाचार नहीं किया लेकिन दूसरे को करने से रोका नहीं तो भी वह दोषी माना जाएगा।
ये बातें उन्होंने नरिया स्थित रामनाथ चौधरी शोध संस्थान परिसर में अखिल भारतीय विद्वत परिषद की ओर से आयोजित विद्वत अलंकरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने भ्रष्टाचार न करने और न होने देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को सराहा।
लोकायुक्त ने कहा कि देश आतंकवाद, भ्रष्टाचार, कुप्रशासन, मानव अधिकारों के हनन और नारी उत्पीड़न जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। इनके निराकरण के लिए कदम उठाया जाना चाहिए।
समाजसेवा का ढिंढोरा पीटकर अपना उल्लू सीधा करते हैं
कहा कि मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री जैसा पद नहीं बल्कि सहृदयता, करुणा ही व्यक्ति को महान बनाती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग परोपकार और सेवा से जरूरतमंदों का कल्याण करते हैं लेकिन कुछ समाजसेवा का ढिंढोरा पीटकर अपना उल्लू सीधा करते हैं।
ऐसे में किसी को सम्मानित किए जाने से पहले उसकी योग्यता और समाज के प्रति उसके योगदान को परखा जाना चाहिए।
साथ ही विद्वत परिषद का आह्वान किया कि चरित्र निर्माण और मूल्यों की स्थापना का बीड़ा सरकार की मदद के बिना अपने बूते पर उठाएं, ताकि समाज में बेहतर माहौल बन सके।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह, पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह समेत कई अफसर मौजूद थे। संचालन परिषद के सचिव डॉ. कामेश्वर उपाध्याय ने किया।