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लोकसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस की तकरार का फायदा उठाएगी भाजपा, अलग-अलग लड़ने पर पार्टी को होगा फायदा
Tue, 05 Dec 2023 06:47 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 05 Dec 2023 06:47 AM IST
सार
सपा और कांग्रेस दोनों ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। लेकिन मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनाव में दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। इससे भाजपा को एमपी में इंडिया गठबंधन के खिलाफ माहौल बनाने में बड़ी मदद मिली।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व कांग्रेस नेता राहुल गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को फेल करने की भाजपा की रणनीति सफल रही तो सपा और कांग्रेस की तकरार का फायदा पार्टी को मिलेगा। वहीं, तीन राज्यों की जीत भाजपा के लिए उत्साह के साथ 2024 में मिशन 80 को पूरा करने की चुनौती भी है।
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सपा और कांग्रेस दोनों ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। लेकिन मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनाव में दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। इससे भाजपा को एमपी में इंडिया गठबंधन के खिलाफ माहौल बनाने में बड़ी मदद मिली। हालांकि, दोनों दलों की ओर से यह तर्क दिया गया था कि इंडिया गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए है।
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पार्टी सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में भी यदि प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा तो पार्टी इसका पूरा फायदा उठाएगी। विधानसभा चुनाव में तीनों विपक्षी दलों के अलग चुनाव लड़ने से पार्टी को मजबूती मिली थी। खासतौर पर बसपा के मुस्लिम उम्मीदवार उतारने का सबसे अधिक नुकसान सपा को ही होगा। कांग्रेस के उम्मीदवार भाजपा के साथ सपा के भी वोट काटेंगे। उधर, पार्टी के नेताओं का एक वर्ग सपा को झटका देने के लिए रालोद से गठबंधन करने पर जोर दे रहा है। वहीं यह भी प्रयास है कि बसपा इंडिया गठबंधन में शामिल न हो।
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उत्साह के साथ चुनौती भी
तीन राज्यों में भाजपा की प्रचंड जीत से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में बड़ा उत्साह है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उत्साह के साथ 2024 में मिशन 80 को पूरा करने की चुनौती भी है। मोदी सरकार की हैट्रिक लगाने की सबसे बड़ा दारोमदार यूपी पर ही है। ऐसे में पार्टी को चुनावी रणनीति से प्रत्याशी चयन और जमीनी तैयारी में एक-एक कदम सोच समझकर रखना होगा। कार्यकर्ताओं के इस उत्साह का उपयोग करते हुए उन्हें चुनाव तक लगातार सक्रिय भी रखना है।