आतंकवादियों के मरने पर दुखी होते हैं सपा-बसपा और कांग्रेस: गोंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
जब देश का जवान शहीद होता है तो कांग्रेस का शाही परिवार, सपा व बसपा उसकी शहादत पर सवाल खड़ा करते हैं। ये लोग आतंकियों के मारे जाने पर आंसू बहाते हैं। कांग्रेस सरकार में आतंकवाद और नक्सलवाद देश के 270 जनपदों में था। मगर भाजपा शासन में पांच से छह जिलों में सिमट कर रह गया है। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोंडा के डुमरियाडीह के राजा देवी बक्स सिंह इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में कही।
अपने 15 मिनट के संबोधन में सीएम योगी ने कांग्रेस, सपा व बसपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि चांदनी रात चोरों को अच्छी लगती है, इसलिए सपा-बसपा सब एक हो गए। बटाला हाउस कांड पर कहा कि कांग्रेस के शाही परिवार के दरबारी आतंकियों के मारे जाने पर आंसू बहाते हैं। पुलवामा कांड में भी कांग्रेस प्रश्नचिन्ह लगा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में देश के 270 जनपदों में आतंकवाद और नक्सलवाद अपनी जड़ें जमाए था। मगर भाजपा शासन में अब पांच से छह जिलों में सिमटकर रह गया है। इस बार फिर मोदी सरकार बनेगी।
उन्होंने बालेश्वनाथ की धरती को नमन करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 7 करोड़ गरीब परिवारों को उज्ज्वला योजना, साढ़े नौ करोड़ परिवारों को शौचालय समेत 5 करोड़ गरीबों के लिए आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं दी हैं।
भाजपा सरकार में बिछा दिया है सड़कों का जाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा सरकार में लघु एवं सीमांत किसानों का कर्ज माफ होने के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी खूब काम हुआ है। 2014 से पहले गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती की सड़कें खराब थीं।
पहले गोंडा से तुलसीपुर देवीपाटन जाने में तीन घंटे लगते थे। मगर अब सड़कों का जाल बिछा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया गया तो पूरे प्रदेश में अवैध बूचड़खाने बंद करा दिए गए।
सपा सरकार में रामपुर, लखनऊ समेत अयोध्या में हुए आतंकी हमले के आरोपियों के मुकदमे वापस लिए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हाथ, देशद्रोहियों के साथ है। ऐसा कांग्रेस के घोषण पत्र को देखकर लगता है। घोषणा पत्र भाजपा ने भी बनाया लेकिन जाति धर्म देखकर नहीं बनाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में गरीबों को आवास दिया गया लेकिन उनकी जाति नहीं देखी गई। उनका धर्म नहीं पूछा गया। मुख्यमंत्री ने जनता से सवाल किया कि बिजली मिल रही है या नहीं जिस पर जनता ने हां में जवाब दिया। बाद में कहा कि सपा-बसपा की सरकार में ईद पर बिजली मिलती थी, होली पर नहीं। मोहर्रम पर बिजली आती थी पर दीवाली पर नहीं। इन लोगों ने लोकतंत्र का मजाक बना रखा था।