विपक्ष का नेता बनने लायक सीटें नहीं, सिला रहे प्रधानमंत्री के कपड़े : मोदी
चौथे चरण की समाप्ति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमले तीखे कर दिए हैं। उन्होंने कहा, विपक्षी दल उतनी सीटें भी नहीं लड़ रहे, जितनी विपक्ष का नेता बनाने को जरूरी हैं। उनके नेता पीएम बनने के सपने देख रहे हैं और प्रधानमंत्री के कपड़े सिलाने लगे हैं। विपक्षी दल अभी तक ‘कौन बनेगा प्रधानमंत्री’ का खेल खेल रहे थे अब लुकाछिपी खेलने लगे हैं। पीएम ने कहा कि मतदान के चार चरण पूरे होने के बाद सपा-बसपा गठबंधन की नींद उड़ी हुई है, इस एकता की मियाद 23 मई को पूरी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बहराइच व हैदरगढ़ (बाराबंकी) में चुनाव सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा,अब तक हुए चार चरणों के चुनाव के रुझान से साफ हो गया है कि भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने जा रहा है। विपक्षियों के चेहरे लटके हुए हैं। उन्हें जमानत बचाने की जद्दोजहद से जूझना पड़ रहा है। इसलिए उनकी तरफ से अफवाह फैलाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को आलसी बनाने की कोशिश की जा रही है। कहा जा रहा है कि जीत रहे ही हो, इसलिए कहीं आने-जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि गठबंधन करने वाले महामिलावटी नेता भ्रम फैलाकर 2014 के पहले वाली स्थिति बनाना चाहतें हैं ताकि भाजपा के लोग गफलत में आ जाएं और वे सरकार बना लें। इनके घोटालों का खेल फिर शुरू हो जाए। कार्यकर्ता इससे सावधान रहें।
...तो हर तीन महीने में बदलेगा प्रधानमंत्री
मोदी ने कहा कि कार्यकर्ता जीत के अतिविश्वास और अति उत्साह में न फंसें। विपक्ष की साजिश सफल न होने दें। विपक्ष की जमानत बचाना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। कालेधन व भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से परेशान लोग एक होकर मोदी हटाने में लगे हुए हैं। इनमें कुछ लोग तो मोदी को हटाने के लिए पाकिस्तान से मदद मांगने तक चले गए। महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा, 2019 में खिचड़ी सरकार बनी तो हर तीन महीने में देश के प्रधानमंत्री का चेहरा बदल जाएगा।
पांच एकड़ की बाध्यता खत्म होगी
पीएम किसान सम्मान निधि पर कहा, 23 मई को परिणाम आने के बाद पांच एकड़ खेती की जमीन होने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया जाएगा। बाराबंकी की सभा में उन्होंने पार्टी उम्मीदवार उपेन्द्र रावत, मोहनलालगंज सीट के उम्मीदवार कौशल किशोर और रायबरेली सीट के प्रत्याशी दिनेश सिंह के लिए वोट मांगे।
आतंक पर खतरा टला है मिटा नहीं
प्रधानमंत्री ने जनता का आह्वान किया कि उनकी पांच साल की सरकार की नीतियों और कड़े फैसलों से आतंकियों के हौसले पस्त हुए हैं। आतंकी घटनाओं में कमी आई है। पर, आतंक का खतरा अभी टला है, पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भ्रष्टाचार, आतंक, घोटालों और गरीबों का हक मारने वालों के खिलाफ जिस तरह कार्रवाई की, उससे ये घबरा गए और अब एक होकर मोदी को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। पर, जनता ने एक बार फिर मोदी सरकार का संकल्प ले लिया है। कहा कि इनमें किसी ने कभी राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर कोई काम नहीं किया।
माया, अखिलेश और कांग्रेस पर जमकर हमले
मोदी ने मायावती पर हमला बोलते हुए कहा, ये जिन महापुरुषों के नाम पर वोट मांगती हैं उन्हीं के नाम पर घोटाले करने में संकोच नहीं करतीं। स्मारक घोटाला इसका उदाहरण है। कहां-कहां घोटाला नहीं किया? एनआरएचएम घोटाला किया। बिजली घोटाला किया। चीनी मिल बेचने में घोटाला किया। बिजली घोटाला तो ऐसा हुआ कि पहले बसपा नेताओं ने माल कमाया और फिर सपा नेताओं ने भी।
बबुआ ऐसा समाजवाद लाए कि टोटी तक हजम कर गए
कांग्रेस से भ्रष्टाचार छूट ही नहीं सकता
कांग्रेस के पंजे के मजबूत शिकंजे से भ्रष्टाचार छूट ही नहीं सकता। कहा कि सपा हो बसपा हो या कांग्रेस 2014 में इनको अंदाजा नहीं था कि जनता इस चौकीदार को इनके सिर पर बैठा देगी। इन्होंने अपना एक ही एजेंडा बना लिया कि मोदी को रास्ते से हटाओ।
इस तरह भी किया हमला
मोदी ने कहा कि बेनामी संपत्ति कानून जो 28 वर्ष से अटका हुआ था। उसे उनकी सरकार ने लागू किया। उन्होंने लोगों से पूछा, ‘इस कानून के चलते जिसका लाखों का बंगला, गाड़ी, जमीन जब्त होगी। वह मुझे छोड़ेगा क्या?’ लोगों ने जवाब दिया, ‘नहीं।’ मोदी ने आगे पूछा, ‘मुझे हटाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा या नहीं?’ लोगों ने कहा, ‘हां।’ मोदी ने कहा, हम गरीबों के साथ खड़े हैं। अन्याय के खिलाफ खड़े हैं। डरने वाले नहीं हैं। पान की गुमटी जितनी जगह में सौ-सौ कंपनियां चलाते थे। यह कंपनियां काले धन की मशीन थी। मोदी ने इस काले धन की टंकी की टोटी ही सील कर दी। इसलिए ये लोग मोदी हटाओ अभियान में जुटे हैं।
गिनाए काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं थी तो देश की बड़ी आबादी के पास न तो सुविधाजनक पक्के घर थे और घरों में बिजली। गैस, शौचालय व बैंक खाते तक नहीं थे। बैंकों से कर्ज लेना मुश्किल था। सरकार ने 34 हजार करोड़ से अधिक जन धन खाते खुलवाकर मुद्रा योजना के तहत गरीबों को रोजगार के लिए तिजोरी खोल दी गई है। दिव्यांगों के लिए आरक्षण में वृद्धि की गई। दफ्तरों में उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सभा में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा भी थे।