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भाजपा के कब्जे में दूसरे चरण की सभी आठ सीटें, हेमा, राज बब्बर व मंत्री बघेल के भाग्य का होगा फैसला
Wed, 10 Apr 2019 03:54 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 10 Apr 2019 03:54 PM IST
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वोटिंग
- फोटो : PTI
पहले चरण का प्रचार थमने के साथ ही चुनावी सेनाओं का रुख अब दूसरे चरण की सीटों वाले मैदान की तरफ हो गया है। यह रण भाजपा के दिग्गज नेता और मंदिर आंदोलन के नायक बनकर उभरे कल्याण सिंह के घर में लड़ा जाना है।
वैसे तो कल्याण सिंह अब राजस्थान के राज्यपाल होकर सांविधानिक पद की बंदिशों से बंधे हैं। पर, पिछले दिनों जिस तरह उन्होंने अलीगढ़ में मोदी के फिर प्रधानमंत्री बनने की बात छेड़ी, उससे प्रदेश में भाजपा के संस्थापकों में शामिल रहे कल्याण के दिल की हलचल को समझा जा सकता है।
दूसरे चरण की सीटों में से कई कल्याण के रुख और इशारे पर कदम से कदम मिलाकर चलती रही हैं। कुछ सीटों पर तो 1991 से अब तक हुए सात चुनावों में छह बार कमल खिल चुका है तो कल्याण के भाजपा में आने-जाने के साथ इन सीटों का भी भाजपा के पास आना-जाना बना रहा।
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वैसे तो कल्याण सिंह अब राजस्थान के राज्यपाल होकर सांविधानिक पद की बंदिशों से बंधे हैं। पर, पिछले दिनों जिस तरह उन्होंने अलीगढ़ में मोदी के फिर प्रधानमंत्री बनने की बात छेड़ी, उससे प्रदेश में भाजपा के संस्थापकों में शामिल रहे कल्याण के दिल की हलचल को समझा जा सकता है।
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दूसरे चरण की सीटों में से कई कल्याण के रुख और इशारे पर कदम से कदम मिलाकर चलती रही हैं। कुछ सीटों पर तो 1991 से अब तक हुए सात चुनावों में छह बार कमल खिल चुका है तो कल्याण के भाजपा में आने-जाने के साथ इन सीटों का भी भाजपा के पास आना-जाना बना रहा।
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इस चरण में फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी मथुरा, कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर फतेहपुर सीकरी, प्रदेश सरकार में मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल आगरा (सुरक्षित) और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन हाथरस (सुरक्षित) से भाग्य आजमा रहे हैं। कभी इस और कभी उस दल में रहने वाले श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है।
भाजपा ने आगरा (सु.) से वर्तमान सांसद रामशंकर कठेरिया की जगह योगी सकार में कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा है। कठेरिया अब इटावा से लड़ रहे हैं। हाथरस से मौजूदा सांसद राजेश दिवाकर के स्थान पर पार्टी ने इगलास से अपने विधायक राजवीर सिंह दिलेर को प्रत्याशी बनाया है।
फतेहपुर सीकरी सीट पर वर्तमान सांसद चौधरी बाबूलाल की जगह भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री राजकुमार चाहर को उम्मीदवार बनाया है। राजेश व बाबूलाल को कहीं से टिकट नहीं दिया गया है।
भाजपा ने आगरा (सु.) से वर्तमान सांसद रामशंकर कठेरिया की जगह योगी सकार में कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा है। कठेरिया अब इटावा से लड़ रहे हैं। हाथरस से मौजूदा सांसद राजेश दिवाकर के स्थान पर पार्टी ने इगलास से अपने विधायक राजवीर सिंह दिलेर को प्रत्याशी बनाया है।
फतेहपुर सीकरी सीट पर वर्तमान सांसद चौधरी बाबूलाल की जगह भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री राजकुमार चाहर को उम्मीदवार बनाया है। राजेश व बाबूलाल को कहीं से टिकट नहीं दिया गया है।
यह है वजह
दूसरे चरण के रण वालेे मैदान को कल्याण का घर यूं ही नहीं कहा जा रहा है। इनमें से ज्यादातर पर 1991 मंदिर आंदोलन के बाद से हुए लोकसभा के सात चुनाव में कहीं पांच तो कहीं छह बार तक भाजपा का कमल खिल चुका है। कुछ पर 2009 के चुनाव में ही कमल नहीं खिल पाया, पर उस समय कल्याण सिंह भाजपा से नाराज होकर सपा के साथ खड़े हो गए थे।
नगीना (सु.) से इस समय भाजपा के यशवंत सिंह सांसद हैं। यह सीट 2009 में बनी थी। इसी तरह फतेहपुर सीकरी सीट भी 2009 में बनी, जिस पर 2014 में भाजपा के चौधरी बाबूलाल जीते। शेष सीटों में अमरोहा पर अब तक तीन बार भाजपा का कमल खिल चुका है।
यहां क्रिकेटर चेतन चौहान ने 1991 में पहली बार कमल खिलाया था। इसके बाद 1998 में यहां भाजपा जीती और 2014 में भी पार्टी के कंवर सिंह तंवर चुने गए। शेष सीटों पर नजर दौड़ाएं तो इस इलाके की जमीन भाजपा के लिए उर्वरा दिखती है।
नगीना (सु.) से इस समय भाजपा के यशवंत सिंह सांसद हैं। यह सीट 2009 में बनी थी। इसी तरह फतेहपुर सीकरी सीट भी 2009 में बनी, जिस पर 2014 में भाजपा के चौधरी बाबूलाल जीते। शेष सीटों में अमरोहा पर अब तक तीन बार भाजपा का कमल खिल चुका है।
यहां क्रिकेटर चेतन चौहान ने 1991 में पहली बार कमल खिलाया था। इसके बाद 1998 में यहां भाजपा जीती और 2014 में भी पार्टी के कंवर सिंह तंवर चुने गए। शेष सीटों पर नजर दौड़ाएं तो इस इलाके की जमीन भाजपा के लिए उर्वरा दिखती है।
कुछ पर सात में छह बार तो कुछ पर पांच बार जीत
बुलंदशहर सीट पर 1991 से अब तक सात चुनाव में छह बार कमल खिल चुका है। सिर्फ 2009 में यहां भाजपा को हार मिली। इसी तरह हाथरस सीट पर भी भाजपा ने सिर्फ 2009 का चुनाव छोड़कर अब तक हुए लोकसभा के सभी चुनाव में झंडा फहराया है।
2009 में कल्याण भाजपा से अलग हो चुके थे और सपा प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। अलीगढ़ में भी 1991 से अब तक सात चुनाव में पांच बार भाजपा जीत चुकी है। सिर्फ 2004 व 2009 में ही यहां भाजपा नहीं जीत पाई थी।
मथुरा सीट भी भाजपा पांच बार जीत चुकी है। आगरा सीट पर भी पांच बार भाजपा का झंडा फहरा चुका है। यहां 1991 से 1998 तक तीन चुनाव भाजपा जीती। इसके बाद 2009 और 2014 में भाजपा को जीत मिली।
2009 में कल्याण भाजपा से अलग हो चुके थे और सपा प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। अलीगढ़ में भी 1991 से अब तक सात चुनाव में पांच बार भाजपा जीत चुकी है। सिर्फ 2004 व 2009 में ही यहां भाजपा नहीं जीत पाई थी।
मथुरा सीट भी भाजपा पांच बार जीत चुकी है। आगरा सीट पर भी पांच बार भाजपा का झंडा फहरा चुका है। यहां 1991 से 1998 तक तीन चुनाव भाजपा जीती। इसके बाद 2009 और 2014 में भाजपा को जीत मिली।
दूसरा चरण
सीट सांसद दल
नगीना (सु.) यशवंत सिंह भाजपा
अमरोहा कंवर सिंह तंवर भाजपा
बुलंदशहर (सु.) डॉ. भोला सिंह भाजपा
अलीगढ़ सतीश गौतम भाजपा
हाथरस (सु.) राजेश दिवाकर भाजपा
मथुरा हेमा मालिनी भाजपा
आगरा (सु.) रामशंकर कठेरिया भाजपा
फतेहपुर सीकरी चौधरी बाबूलाल भाजपा
सीट सांसद दल
नगीना (सु.) यशवंत सिंह भाजपा
अमरोहा कंवर सिंह तंवर भाजपा
बुलंदशहर (सु.) डॉ. भोला सिंह भाजपा
अलीगढ़ सतीश गौतम भाजपा
हाथरस (सु.) राजेश दिवाकर भाजपा
मथुरा हेमा मालिनी भाजपा
आगरा (सु.) रामशंकर कठेरिया भाजपा
फतेहपुर सीकरी चौधरी बाबूलाल भाजपा