अलवर गैंगरेप पर तेज हुई राजनीति, मोदी, मायावती के बीच छिड़ी जुबानी जंग
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अलवर गैंगरेप पर राजनीति तेज हो गई है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर व देवरिया की जनसभाओं में राजस्थान की कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर वहां की सरकार सही में इस मुद्दे पर गंभीर होती तो उसे समर्थन वापस ले लेना चाहिए। इसके कुछ ही देर बाद मायावती ने प्रधानमंत्री पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे घृणित राजनीति बताया।
मायावती ने कहा है कि पीएम इस घृणित कांड की आड़ में राजनीति न करें। केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश आदि राज्यों में कांग्रेस से कैसे निपटना है, समय आने पर सभी को इसका पता चल जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर में चुनावी जनसभा के दौरान अलवर की घटना का उल्लेख करते हुए बसपा को भी घेरा था। पीएम ने कहा था कि मायावती अलवर सामूहिक बलात्कार के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रही हैं।
बसपा राजस्थान में कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस क्यों नहीं लेती? यहां तक कि राजस्थान में सत्ता में बैठी कांग्रेस ने भी अलवर सामूहिक बलात्कार कांड को दबाने की कोशिश की, क्योंकि कांग्रेस सोचती है कि ‘हुआ तो हुआ’।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी से राजनीतिक तौर पर कैसे निपटना है, यह बसपा अच्छी तरह से जानती है लेकिन मोदी गुजरात के ऊना, रोहित वेमुला व अन्य भाजपा शासित राज्यों में हो रही दलित अत्याचार की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं देते हैं?
अलवर मामले में उचित व सख्त कानूनी कार्रवाई न होने पर बसपा जरूर उचित राजनीतिक फैसला करेगी। कांग्रेस पार्टी से राजनीतिक तौर पर कैसे निपटना है, यह बसपा अच्छी तरह से जानती है।
मायावती ने कहा कि पीएम मोदी की इस तरह की सभी घटनाओं में सख्त कानूनी कार्रवाई करवाना जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्हें बसपा को नसीहत देने से पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए। राजनीति करने की जगह पहले अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।