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छोटे दलों के रास्ते बड़े दल में दखल बनाने में जुटे हैं कई बाहुबली
Mon, 18 Mar 2019 11:23 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 18 Mar 2019 11:23 AM IST
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प्रदेश के कई ऐसे बाहुबली नेता हैं जिनसे बड़े दलों ने लोकसभा चुनाव में दूरी बना ली है। ऐसे में ये बाहुबली छोटे दलों के जरिए बड़े सियासी दलों में दखल बनाने की जुगत में लगे हैं। इनकी निगाहें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा), अपना दल व अपना दल (एस) के साथ ही भारतीय समाज पार्टी, निषाद पार्टी, राष्ट्रीय जनवादी पार्टी पर हैं जो किसी न किसी बड़े दल के समर्थन से चुनाव मैदान में हैं।
इस चुनाव में करीब आधा दर्जन ऐसे बाहुबली नेता हैं जिन्हें किसी बड़े दल ने अपना उम्मीदवार बनाने का संकेत नहीं दिया है। ऐसे में वे दूसरा सियासी ठिकाना तलाश रहे हैं। इनकी पसंद ऐसे दल हैं जो भाजपा, कांग्रेस व सपा के सहयोगी हैं या कई सीटों पर उन्हें बड़े दलों का समर्थन मिलने की संभावना है।
जौनपुर के बाहुबली धनंजय सिंह बसपा से सांसद रह चुके हैं, लेकिन बसपा से अलग होने के बाद वह किसी दल में नहीं हैं। धनंजय भाजपा से जौनपुर से मैदान में उतरने के लिए हाथ-पांव मार चुके हैं, लेकिन वहां से कोई उत्साहवर्धक संकेत न मिलने से अब ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा के जरिए ‘बैकडोर’ से भाजपा के नजदीक जाने की व्यूहरचना में जुटे हैं।
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इस चुनाव में करीब आधा दर्जन ऐसे बाहुबली नेता हैं जिन्हें किसी बड़े दल ने अपना उम्मीदवार बनाने का संकेत नहीं दिया है। ऐसे में वे दूसरा सियासी ठिकाना तलाश रहे हैं। इनकी पसंद ऐसे दल हैं जो भाजपा, कांग्रेस व सपा के सहयोगी हैं या कई सीटों पर उन्हें बड़े दलों का समर्थन मिलने की संभावना है।
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जौनपुर के बाहुबली धनंजय सिंह बसपा से सांसद रह चुके हैं, लेकिन बसपा से अलग होने के बाद वह किसी दल में नहीं हैं। धनंजय भाजपा से जौनपुर से मैदान में उतरने के लिए हाथ-पांव मार चुके हैं, लेकिन वहां से कोई उत्साहवर्धक संकेत न मिलने से अब ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा के जरिए ‘बैकडोर’ से भाजपा के नजदीक जाने की व्यूहरचना में जुटे हैं।
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सूत्रों की मानें तो धनंजय की राजभर से कई बार बात हो चुकी है। चर्चा यह भी है कि सुभासपा को मिलने वाली दो सीटों में से एक पर वह उतर सकते हैं। हालांकि सुभासपा को जौनपुर या प्रतापगढ़ में से कोई एक सीट मिलने पर ही यह तय होगा। धनंजय के कांग्रेस से गठबंधन करने वाले अपना दल से भी चुनाव लड़ने की चर्चा है।
जेल में बंद अतीक अहमद के बारे में चर्चा है कि किसी छोटे दल से सेटिंग नहीं हुई तो वह निर्दल ही फूलपुर से मैदान में उतर सकते हैं। इलाहाबाद विवि छात्रसंघ के उपाध्यक्ष रहे मनोज सिंह भी जौनपुर से भाजपा या उसके किसी सहयोगी दल से चुनाव लड़ने का रास्ता तलाश रहे हैं।
विनीत के राजपा से उतरने की तैयारी
बसपा से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे रहे विनीत सिंह राष्ट्रीय जनवादी पार्टी से चंदौली से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। यह सीट समझौते में सपा कोटे में चली गई है, इसलिए विनीत की तैयारियां धरी रह गईं।
जेल में बंद अतीक अहमद के बारे में चर्चा है कि किसी छोटे दल से सेटिंग नहीं हुई तो वह निर्दल ही फूलपुर से मैदान में उतर सकते हैं। इलाहाबाद विवि छात्रसंघ के उपाध्यक्ष रहे मनोज सिंह भी जौनपुर से भाजपा या उसके किसी सहयोगी दल से चुनाव लड़ने का रास्ता तलाश रहे हैं।
विनीत के राजपा से उतरने की तैयारी
बसपा से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे रहे विनीत सिंह राष्ट्रीय जनवादी पार्टी से चंदौली से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। यह सीट समझौते में सपा कोटे में चली गई है, इसलिए विनीत की तैयारियां धरी रह गईं।