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18 घंटे तक कोरोना वायरस से लड़ेगा देसी स्प्रे, जानिए कैसे करता है काम
Fri, 19 Jun 2020 03:07 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2020 03:07 PM IST
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लखनऊ के इंजीनियरिंग छात्रों के स्टार्टअप ने कोरोना वायरस से बचाव के एक देसी स्प्रे (कंपाउंड) तैयार किया है। स्टार्टअप के सीईओ प्रज्ज्वल गुप्ता का दावा है कि यह स्प्रे 18 घंटे तक वायरस से हमारी रक्षा करेगा। अभी तक इस तरह का उत्पाद बाजार में उपलब्ध नहीं है।
प्रज्ज्वल का कहना है कि छह दोस्तों के साथ मिलकर पाइकेम के नाम से स्टार्टअप शुरू किया था। पहला उत्पाद एक लिक्विड था जो पानी से होने वाले नुकसान से बचाता था। अब जो नया उत्पाद बनाया है उसमें एंटी-माइक्रोबियल प्रॉपर्टी है। प्रयोग में इसका असर 18 घंटे तक मिल रहा है। केंद्र सरकार की संस्था एनएबीएल से मान्यता वाली फिक्की लैब ने इसे प्रमाणित किया है। जरूरी सर्टिफिकेट मिलने के बाद इस उत्पाद को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह स्प्रे सतह पर नैनो साइज की लेयर बनाता है। यह पारदर्शी लेयर एंटी-माइक्रोबियल और पानी-विकर्षक नैनो कोटिंग की एक श्रृंखला विकसित करती है। यह कोटिंग न केवल सतह पर मौजूद कीटाणुओं को न्यूट्रिलाइज करती है, बल्कि कीटाणुजनित बीमारियों को फैलने से भी रोकती है। इससे कोरोना योद्धाओं को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
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प्रज्ज्वल का कहना है कि छह दोस्तों के साथ मिलकर पाइकेम के नाम से स्टार्टअप शुरू किया था। पहला उत्पाद एक लिक्विड था जो पानी से होने वाले नुकसान से बचाता था। अब जो नया उत्पाद बनाया है उसमें एंटी-माइक्रोबियल प्रॉपर्टी है। प्रयोग में इसका असर 18 घंटे तक मिल रहा है। केंद्र सरकार की संस्था एनएबीएल से मान्यता वाली फिक्की लैब ने इसे प्रमाणित किया है। जरूरी सर्टिफिकेट मिलने के बाद इस उत्पाद को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
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यह स्प्रे सतह पर नैनो साइज की लेयर बनाता है। यह पारदर्शी लेयर एंटी-माइक्रोबियल और पानी-विकर्षक नैनो कोटिंग की एक श्रृंखला विकसित करती है। यह कोटिंग न केवल सतह पर मौजूद कीटाणुओं को न्यूट्रिलाइज करती है, बल्कि कीटाणुजनित बीमारियों को फैलने से भी रोकती है। इससे कोरोना योद्धाओं को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
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सभी तरह की सतहों पर कारगर
प्रज्ज्वल का कहना है कि यह स्प्रे हर तरह की सतह पर कारगर है। दरवाजों, सीढ़ियों के हैंडल या हैंड रेल के अलावा कपड़ों, पीपीई किट, ग्लव्स, जूतों, कारों या एंबुलेंस के दरवाजे आदि पर यह उपयोगी होगा। स्प्रे करने के बाद 18 घंटे तक सतहों पर किसी भी तरह का वायरस अपना असर नहीं दिखा पाएगा।
सरकार को लागत पर प्रोडक्ट
प्रज्ज्वल ने बताया कि उपयोग के मुताबिक उत्पाद की कीमत रहेगी। फिलहाल स्टार्टअप ने स्प्रे की 300 मिली. की बोतल की कीमत 150 से 350 रुपये रखी है। सरकारी विभाग या अस्पतालों के लिए बल्क में 300 रुपये प्रति लीटर कीमत ऑफर हुई है जो कि लागत के बराबर है।
सरकार को लागत पर प्रोडक्ट
प्रज्ज्वल ने बताया कि उपयोग के मुताबिक उत्पाद की कीमत रहेगी। फिलहाल स्टार्टअप ने स्प्रे की 300 मिली. की बोतल की कीमत 150 से 350 रुपये रखी है। सरकारी विभाग या अस्पतालों के लिए बल्क में 300 रुपये प्रति लीटर कीमत ऑफर हुई है जो कि लागत के बराबर है।