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जिला प्रशासन भी लैंड पूलिंग की बैठक से जुड़ा, किसानों की जिला प्रशासन व एलडीए के साथ हुई संयुक्त बैठक
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एलडीए ने सुल्तानपुर रोड योजना में लैंड पूलिंग से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों संग सचिव पवन गंगवार ने किसानों के साथ बैठक की। इस बैठक में लैंड पूलिंग के लिए आगे की रणनीति और बैठकों के तरीके पर चर्चा की गई है।
सचिव पवन गंगवार ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों को बैठक में बुलाया गया था। इससे किसानों के साथ लैंड पूलिंग की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी। इस बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। जल्दी ही किसानों और उनके प्रतिनिधियों के साथ एक और बैठक की जाएगी। इससे बाकी बिंदुओं पर सहमति बनाई जा सकेगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि एलडीए के सामने अब भी बड़ा सवाल यही है कि सीमांत किसानों की जमीन लिए जाने के बाद उनके जीवन-यापन के लिए क्या व्यवस्था रहेगी? कुछ किसान अब भी मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
शुरुआत को लेकर मंथन
लैंड पूलिंग में सबसे पहले किस गांव की जमीनें ली जाएं, एलडीए ने इसपर भी मंथन शुरू कर दिया है। किसानों के बाद सचिव ने नियोजन विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। इसमें भी जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। नियोजन विभाग की सहमति मिलने के बाद अर्जन टीम आगे का काम शुरू कर देगी।
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शौचालयों के लिए जमीन चिह्नित करने में ढिलाई पर सचिव, लेखपालों को नोटिस
सामुदायिक शौचालयों के लिए जमीन चिह्नित करने में शिथिलता बरत रहे ग्राम सचिव व लेखपालों को प्रशासन नोटिस जारी कर रहा है। लगातार चेतावनी के बाद भी चार ब्लॉक की 24 से अधिक ग्राम पंचायतों में अभी तक सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
नोटिस में चेताया गया है कि तय मियाद में देरी होने के उचित कारण न बताने वालों के खिलाफ निलंबन से लेकर वेतन रोकने तक की सीधी कार्रवाई होगी। यह जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी एनसी साहू ने दी। उन्होंने बताया कि संबंधित बीडीओ के माध्यम से डिफॉल्टर ग्राम सचिव व लेखपाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। इस बात पर भी नाराजगी जताई गई है कि ढिलाई के चलते ही शासन की प्राथमिकता के बाद भी कई ग्राम पंचायतों में अभी तक शौचालय निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान का चयन तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि शौचालयों के निर्माण में मनरेगा के तहत ही रोजगार का मौका उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही इन शौचालयों को आकर्षक बनाने के लिए इनकी बायो फेंसिंग कराने के साथ ही आसपास सुगंधित पौधे भी लगवाए जाएंगे।
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सचिव पवन गंगवार ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों को बैठक में बुलाया गया था। इससे किसानों के साथ लैंड पूलिंग की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी। इस बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। जल्दी ही किसानों और उनके प्रतिनिधियों के साथ एक और बैठक की जाएगी। इससे बाकी बिंदुओं पर सहमति बनाई जा सकेगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि एलडीए के सामने अब भी बड़ा सवाल यही है कि सीमांत किसानों की जमीन लिए जाने के बाद उनके जीवन-यापन के लिए क्या व्यवस्था रहेगी? कुछ किसान अब भी मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
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शुरुआत को लेकर मंथन
लैंड पूलिंग में सबसे पहले किस गांव की जमीनें ली जाएं, एलडीए ने इसपर भी मंथन शुरू कर दिया है। किसानों के बाद सचिव ने नियोजन विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। इसमें भी जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। नियोजन विभाग की सहमति मिलने के बाद अर्जन टीम आगे का काम शुरू कर देगी।
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शौचालयों के लिए जमीन चिह्नित करने में ढिलाई पर सचिव, लेखपालों को नोटिस
सामुदायिक शौचालयों के लिए जमीन चिह्नित करने में शिथिलता बरत रहे ग्राम सचिव व लेखपालों को प्रशासन नोटिस जारी कर रहा है। लगातार चेतावनी के बाद भी चार ब्लॉक की 24 से अधिक ग्राम पंचायतों में अभी तक सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने का काम पूरा नहीं हो पाया है।
नोटिस में चेताया गया है कि तय मियाद में देरी होने के उचित कारण न बताने वालों के खिलाफ निलंबन से लेकर वेतन रोकने तक की सीधी कार्रवाई होगी। यह जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी एनसी साहू ने दी। उन्होंने बताया कि संबंधित बीडीओ के माध्यम से डिफॉल्टर ग्राम सचिव व लेखपाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। इस बात पर भी नाराजगी जताई गई है कि ढिलाई के चलते ही शासन की प्राथमिकता के बाद भी कई ग्राम पंचायतों में अभी तक शौचालय निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान का चयन तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि शौचालयों के निर्माण में मनरेगा के तहत ही रोजगार का मौका उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही इन शौचालयों को आकर्षक बनाने के लिए इनकी बायो फेंसिंग कराने के साथ ही आसपास सुगंधित पौधे भी लगवाए जाएंगे।