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Lucknow News: जीएसटी छापे की अफवाह, कई इलाकों में दुकानें बंद
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लखनऊ। राजधानी के कई इलाकों में जीएसटी विभाग के सर्वे, छापों का खौफ सोमवार को भी दिखा। इंदिरानगर के तकरोही व आसपास के बाजारों की दुकानें बंद रहीं। वहीं छोटा भरवारा में भी काफी दुकानें जीएसटी सर्वे के डर में नहीं खुलीं। जीएसटी विभाग के अफसरों का कहना है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए पहले से चिह्नित प्रतिष्ठानों पर ही सर्वे की कार्रवाई की गई है। अब 72 घंटों तक सर्वे को स्थगित कर दिया गया है।
चिनहट, तकरोही, आम्रपाली, बालागंज समेत अन्य इलाकों में दुकानें बंद कर व्यापारी घर पर बैठे रहे। वहीं कुछ व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी के खिलाफ शिकायत आ रही है, तो उसके खिलाफ जांच होनी चाहिए। सभी व्यापारियों को प्रताड़ित करना गलत है।
इन इलाकों में बंद रहीं दुकानें
जीएसटी की छापों के डर से चिनहट, बालागंज, गंगागंज, तकरोही, आम्रपाली, गोमतीनगर, ठाकुरगंज समेत अन्य इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं। हालांकि व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों को समझाया जा रहा है कि वे अपनी दुकानें खोलें और बेफिक्र रहें। अगर कोई छापा डालने आता है तो एकजुट होकर विरोध किया जाएगा। वहीं कुछ दुकानदार तो ईंट-पत्थर तक लेकर बैठे दिखे।
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राज्य जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन सुनील कुमार राय से सीधी बात
प्रश्न 1- व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापे अचानक बढ़े हैं, इसका कोई खास कारण?
उत्तर - राज्य जीएसटी विभाग का काम कर अपवंचन का डेटा एनालिसिस करना है। यह काम अचानक शुरू नहीं हुआ। पहले भी होता आया है। आगे भी होगा। इस एनालिसिस में टैक्स चोरी का मामला पकड़े जाने पर ही कार्रवाई होती है। जिनका रिटर्न प्रॉपर नहीं होता, टीम वहीं जा रही है।
प्रश्न 2- लखनऊ में कितने पंजीकृत जीएसटी प्रतिष्ठान हैं?
उत्तर- जीएसटी पंजीयन लगातार होता रहता है। वर्तमान में लखनऊ में 126109 क्रियाशील जीएसटी धारक हैं। विभाग का कार्य जीएसटी पंजीयन बढ़ाना भी है। इसके लिए व्यापारियों को समय-समय पर कैंप लगाकर जागरूक भी किया जा रहा है।
प्रश्न 3- कई व्यापारियों का कहना है कि उन्हें जीएसटी की जानकारी नहीं है, इस समस्या से उन्हें कैसे निजात दिलाएंगे?
उत्तर- विभागीय अधिकारी व्यापारियों को सही से रिटर्न फाइल कराने के लिए जागरूक करते रहते हैं। व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है। शटर डाउन कर भागने की जरूरत भी नहीं है। कहीं कोई कंफ्यूजन है तो जीएसटी अधिकारियों से संपर्क कर उस विषय में जानकारी कर सकते हैं।
प्रश्न 4- जीएसटी पंजीयन से व्यापारियों को क्या कोई लाभ मिलता है?
उत्तर- जीएसटी पंजीयन से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कई लाभ मिलते हैं। इसमें कोई अप्रिय घटना होने पर मुआवजे से लेकर आईटीसी सहित अन्य लाभ शामिल हैं। वहीं, बैंक भी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आर्थिक सहायता देते समय इसका आकलन करते हैं। यह व्यापारियों के फायदे के लिए है।
प्रश्न 5- व्यापारी वर्ग डरा हुआ है, ऐसे में आप हमारे माध्यम से उन तक क्या संदेश पहुंचाना चाहेंगे?
उत्तर- व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है। जो व्यापारी जागरूक हैं, वह जीएसटी पंजीयन के फायदे जानते हैं। हमारी व्यापारियों से अपील है कि वे घबराएं नहीं, अधिकारियों का सहयोग करें। जीएसटी अधिकारी सिर्फ टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। किसी व्यापारी को परेशान नहीं कर रहे हैं।
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चिनहट, तकरोही, आम्रपाली, बालागंज समेत अन्य इलाकों में दुकानें बंद कर व्यापारी घर पर बैठे रहे। वहीं कुछ व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी के खिलाफ शिकायत आ रही है, तो उसके खिलाफ जांच होनी चाहिए। सभी व्यापारियों को प्रताड़ित करना गलत है।
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इन इलाकों में बंद रहीं दुकानें
जीएसटी की छापों के डर से चिनहट, बालागंज, गंगागंज, तकरोही, आम्रपाली, गोमतीनगर, ठाकुरगंज समेत अन्य इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं। हालांकि व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों को समझाया जा रहा है कि वे अपनी दुकानें खोलें और बेफिक्र रहें। अगर कोई छापा डालने आता है तो एकजुट होकर विरोध किया जाएगा। वहीं कुछ दुकानदार तो ईंट-पत्थर तक लेकर बैठे दिखे।
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राज्य जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन सुनील कुमार राय से सीधी बात
प्रश्न 1- व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापे अचानक बढ़े हैं, इसका कोई खास कारण?
उत्तर - राज्य जीएसटी विभाग का काम कर अपवंचन का डेटा एनालिसिस करना है। यह काम अचानक शुरू नहीं हुआ। पहले भी होता आया है। आगे भी होगा। इस एनालिसिस में टैक्स चोरी का मामला पकड़े जाने पर ही कार्रवाई होती है। जिनका रिटर्न प्रॉपर नहीं होता, टीम वहीं जा रही है।
प्रश्न 2- लखनऊ में कितने पंजीकृत जीएसटी प्रतिष्ठान हैं?
उत्तर- जीएसटी पंजीयन लगातार होता रहता है। वर्तमान में लखनऊ में 126109 क्रियाशील जीएसटी धारक हैं। विभाग का कार्य जीएसटी पंजीयन बढ़ाना भी है। इसके लिए व्यापारियों को समय-समय पर कैंप लगाकर जागरूक भी किया जा रहा है।
प्रश्न 3- कई व्यापारियों का कहना है कि उन्हें जीएसटी की जानकारी नहीं है, इस समस्या से उन्हें कैसे निजात दिलाएंगे?
उत्तर- विभागीय अधिकारी व्यापारियों को सही से रिटर्न फाइल कराने के लिए जागरूक करते रहते हैं। व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है। शटर डाउन कर भागने की जरूरत भी नहीं है। कहीं कोई कंफ्यूजन है तो जीएसटी अधिकारियों से संपर्क कर उस विषय में जानकारी कर सकते हैं।
प्रश्न 4- जीएसटी पंजीयन से व्यापारियों को क्या कोई लाभ मिलता है?
उत्तर- जीएसटी पंजीयन से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कई लाभ मिलते हैं। इसमें कोई अप्रिय घटना होने पर मुआवजे से लेकर आईटीसी सहित अन्य लाभ शामिल हैं। वहीं, बैंक भी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आर्थिक सहायता देते समय इसका आकलन करते हैं। यह व्यापारियों के फायदे के लिए है।
प्रश्न 5- व्यापारी वर्ग डरा हुआ है, ऐसे में आप हमारे माध्यम से उन तक क्या संदेश पहुंचाना चाहेंगे?
उत्तर- व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं है। जो व्यापारी जागरूक हैं, वह जीएसटी पंजीयन के फायदे जानते हैं। हमारी व्यापारियों से अपील है कि वे घबराएं नहीं, अधिकारियों का सहयोग करें। जीएसटी अधिकारी सिर्फ टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। किसी व्यापारी को परेशान नहीं कर रहे हैं।