फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   liver transplant once again started in SGPGI

एसजीपीजीआई में फिर शुरू होगा लिवर ट्रांसप्लांट, अन्य अंगों की होगी रजिस्ट्री

Sun, 01 Nov 2020 01:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 01:47 AM IST
विज्ञापन
liver transplant once again started in SGPGI
ब्रेन डेड मरीजों से अंगदान कराने की प्रक्रिया को लेकर हुआ मंथन
विज्ञापन

प्रदेश के 27 चिकित्सा संस्थान की शृंखला बनाकर एसजीपीजीआई डोनेशन को देगा बढ़ावा
एसजीपीजीआई में जल्द फिर से लिवर ट्रांसप्लांट शुरू होगा। साथ ही अन्य अंगों के जरूरतमंदों का डाटा तैयार किया जाएगा। इसमें हार्ट, पैंक्रियाज, लंग, लिवर और किडनी के साथ दूसरे अंगों को भी शामिल किया जाएगा। ब्रेन डेड मरीजों से अंग दान कराने की प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को मंथन हुआ। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की ओर से एसजीपीजीआई को स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट (सोटो) की मान्यता दी गई है। ऐसे में एसजीपीजीआई प्रदेश के 27 चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों की शृंखला बनाकर विभिन्न अंगों की रजिस्ट्री करेगा।
ऑर्गन डोनेशन को लेकर एसजीपीजीआई के वेबिनार में संस्थान निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा कि विभिन्न संस्थानों में किडनी ट्रांसप्लांट चल रहा है। लिवर ट्रांसप्लांट भी हुआ है, जल्द एसजीपीजीआई में यह फिर से शुरू होगा। हार्ट ट्रांसप्लांट की भी तैयारी शुरू है। अन्य अंगों के ट्रांसप्लांट को जल्द कार्यवाही शुरू होगी। बताया कि प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों एवं मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर 27 जगह अंगों के ट्रांसप्लांट की व्यवस्था है। संस्थान की टीम नोडल की भूमिका में रहते हुए इन स्थानों पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कराएगी। सभी जगह से जरूरत और दानकर्ताओं की सूची तैयार होने से केंद्रीयकृत व्यवस्था बनेगी। बताया कि एक ब्रेन डेड से आठ की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन

सोटो के नोडल अफसर डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने कहा कि संस्थान में ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़े डाटा तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। जरूरतमंदों की वरीयता सूची तैयार होने से ब्रेन डेड से मिलने वाले अंगों को तत्काल प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। प्रक्रिया से संबंधित जानकारी वेबसाइट पर डाली जाएगी। वेबिनार में डॉ. राजेंद्र सक्सेना, डॉ. नारायण प्रसाद, डॉ. अनीश श्रीवास्तव, डॉ. सोनिया नित्यानंद, डॉ. नवीन गर्ग आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

डोनर के परिवारीजन का प्रोत्साहित होना जरूरी
पीजीआई एमईआर चंडीगढ़ के डॉ. विपिन कौशल ने बताया कि ब्रेन डेड मामले में बेहद सावधानी की जरूरत है। हमें एक ओर ब्रेन डेड होने वालों के परिवारीजन को मोटिवेट करना जरूरी होता है तो दूसरी तरफ पुलिस की एनओसी लेना भी जरूरी है। पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए नोटशीट देना चाहिए।
समूचे उत्तर भारत के लिए नजीर बनेगा पीजीआई
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एसजीपीजीआई को सोटो का केंद्र बनाया है। देशभर में यह सातवां केंद्र है। उन्होंने भरोसा दिया कि एसजीपीजीआई में ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इसमें एसजीपीजीआई उत्तर भारत में नजीर बनेगा।

सरकार हर स्तर पर करेगी मदद
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश के लोगों को चेन्नई, मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों में न जाना पड़े, इसके लिए एसजीपीजीआई अन्य चिकित्सा संस्थानों के साथ रणनीति बनाए। अंगों का प्रत्यारोपण कर लोगों को राहत दें। ऑर्गन ट्रांसप्लांट में कमी नहीं रहने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed