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Lucknow News: पांच हत्यारों को आजीवन कारावास
Wed, 11 Oct 2023 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 11 Oct 2023 01:00 AM IST
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रायबरेली। डलमऊ क्षेत्र में 15 साल पहले हुई दंपति की हत्या के पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 30-30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विद्या भूषण पांडेय ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक सुनील सिंह के मुताबिक घटना की रिपोर्ट पूरे गुरूदीन मजरे रसूलपुर धरावां विमल कुमार ने कोतवाली डलमऊ में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादी के पिता गुरुचरन व मां राजवती 14 जुलाई 2008 की दोपहर खेत की जोताई करने गए थे। उनके साथ बेटी रूपा भी थी। कुछ देर बाद रूपा दौड़ती हुई घर पहुंची और परिजनों को बताया कि गांव के वीरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, इंद्रबहादुर सिंह, रामबहादुर सिंह व शिवबरन सिंह ने फावड़ा, लाठी, कुल्हाड़ी से हमलाकर उसके माता-पिता की हत्या कर दी।
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पुलिस ने विवेचना पूरी करके आरोपी वीरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, इंद्र बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह व शिवबरन सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सभी अभियुक्तों को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।
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यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विद्या भूषण पांडेय ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक सुनील सिंह के मुताबिक घटना की रिपोर्ट पूरे गुरूदीन मजरे रसूलपुर धरावां विमल कुमार ने कोतवाली डलमऊ में दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार वादी के पिता गुरुचरन व मां राजवती 14 जुलाई 2008 की दोपहर खेत की जोताई करने गए थे। उनके साथ बेटी रूपा भी थी। कुछ देर बाद रूपा दौड़ती हुई घर पहुंची और परिजनों को बताया कि गांव के वीरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, इंद्रबहादुर सिंह, रामबहादुर सिंह व शिवबरन सिंह ने फावड़ा, लाठी, कुल्हाड़ी से हमलाकर उसके माता-पिता की हत्या कर दी।
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पुलिस ने विवेचना पूरी करके आरोपी वीरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, इंद्र बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह व शिवबरन सिंह के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सभी अभियुक्तों को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।