गोंडा: पिता-पुत्र समेत दस अभियुक्तों को उम्रकैद, सभी पर 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष न्यायाधीश एससी/एससी एक्ट राम प्यारे ने गैर इरादतन हत्या व एससी/एससी एक्ट के दोषी पिता-पुत्र समेत दस अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा व प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र मोतीगंज निवासनी रामकला ने स्थानीय थाने में 16 सितंबर 2006 को तहरीर दी कि उसके पति बैजनाथ खटिक व परिवार के सदस्य सुरेश कुमार की ग्राम पंचायत कस्टुआ निवासी आज्ञाराम खटिक से मछली लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत आज्ञाराम की पत्नी ने ग्राम पंचायत कस्टुआ के प्रधान पुत्र केसर अब्बास से की।
थाने जाते समय रास्ते में कैसर अब्बास व उसके पति बैजनाथ खटिक और सुरेश कुमार से मारपीट होने लगी। गांव के लोगों ने मिलकर बैजनाथ व सुरेश की पिटाई कर दी। जिससे बैजनाथ व सुरेश की मौत हो गई।
मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राम प्यारे ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में किशोरीलाल उसके पिता जयराम व झिनकन को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड न देने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा होगी
वहीं, रामचंदर, मुन्ना यादव, तिलकराम यादव, भगवानदास कुम्हार, मत्तन, कैसर अब्बास व मोहसिन अब्बास को एससी/एसटी विशेष एक्ट व गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर सभी को आजीवन कारावास की सजा तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड न देने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड से प्राप्त 5 लाख रुपये में से वादिनी रामकला व मृतक सुरेश की मां यशोधरा को सवा-सवा लाख रुपये बतौर छतिपूर्ति अदा की जाएगी।