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गलत इंजेक्शन बेचने के आरोप में फंसा मेडिकल स्टोर, निलंबित होगा लाइसेंस

Thu, 28 Jun 2018 11:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 28 Jun 2018 11:47 AM IST
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licence of medical store will be suspended
पुलिस से शिकायत करते डॉक्टर( नीली शर्ट) - फोटो : अमर उजाला
गलत इंजेक्शन बेचने के आरोप में फंसी गोमती नगर की पेशेंट मित्र मेडिकल स्टोर के नाम से संचालित दवा दुकान पर कार्रवाई की तैयारी है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ड्रग इकाई ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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साथ ही दुकान संचालक से संबद्ध आसपास की कुछ और दवा दुकानों को भी जांच के घेरे में लिया है। इन दुकानों से दवा बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ लाइसेंस निलंबित हो सकते हैं। ड्रग इकाई के औषधि निरीक्षक रमाशंकर ने बताया कि पीड़ित की तरफ से  एफएसडीए की ड्रग इकाई में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई गई है।
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साथ ही ‘अमर उजाला’ में बुधवार के अंक में छपी खबर का संज्ञान लेते कार्रवाई शुरू की है। दुकानदार से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। औषधि निरीक्षक ने बताया की दोपहर बाद मौके पर टीम गई तो दुकान बंद मिली थी। पीड़ित से भी संपर्क का प्रयास किया जा रहा है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि इस मामले में गुरुवार को पुन: दवा दुकान की जांच पड़ताल की जाएगी।
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पुलिस ने सीएमओ पर टाली जिम्मेदारी

licence of medical store will be suspended
मेडिकल स्टोर का संचालक - फोटो : अमर उजाला
मालूम हो मंगलवार को देर रात गोमती नगर में लोहिया अस्पताल के पास पेशेंट मित्र मेडिकल स्टोर पर डॉ. सलाउद्दीन दवा लेने गए थे। उनके ससुर भर्ती हैं, उन्हीं के लिए सेफोपेराजॉन सॉल्बेक्टम इंजेक्शन चाहिए था।

दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. सलाउद्दीन का आरोप है कि दुकानदार ने उन्हें गलत इंजेक्शन दिया और विरोध करने पर अभद्रता करने लगा। डॉक्टर के हाथ से पर्चा लेकर दुकानदार ने फाड़ दिया। इसी के बाद विवाद बढ़ गया था।

पेशेंट मित्र मेडिकल स्टोर में नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में विभूतिखंड पुलिस ने कार्रवाई के बजाए गेंद सीएमओ के पाले में डाल दी है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार राय का कहना है कि पुलिस ऐसे मामले में विशेषज्ञ नहीं है इसलिए शिकायतकर्ता को सीएमओ को प्रार्थनापत्र देकर जांच करानी चाहिए। उधर शिकायतकर्ता डॉक्टर सलाउद्दीन खान ने मेडिकल स्टोर से नकली दवाएं हटाने, सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने व अन्य साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई है।  

 
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