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गन्ने के खेत में छिपा था तेंदुआ, फैली दहशत

Mon, 22 Dec 2014 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी Updated Mon, 22 Dec 2014 10:03 AM IST
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leopard alet in pachasa village by forest department.

ग्राम पचासा के पास रविवार दोपहर मेला जा रहे राहगीरों ने तेंदुए को नहर के पास से गन्ने के खेत की ओर जाते हुए देखा। डरे सहमें ग्रामीणों ने घुंघटेर कस्बा पहुंच कर लोगों को गन्ने के खेत में तेंदुआ के घुसे होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ गन्ने के खेत तक पहुंची।

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यहां पर जमा ग्रामीणों ने शोर मचाया और गन्ना के खेत ने ईंटे व मिट्टी के ढेले भी फेंके लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। इस पर वन विभाग की टीम ने खेत के अंदर घुसकर देखा लेकिन उसे कुछ पता नहीं चला। उधर ग्रामीणों में क्षेत्र में तेंदुआ होने की दहशत है।
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घुंघटेर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनापुर में झंडेलाल का मेला लगता है। रविवार दोपहर बड़ी संख्या में राहगीर मेला देखने लिए मोहनापुर गांव जा रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे ग्राम पचासा के पास नहर पटरी से गुजर रहे राहगीरों ने नहर की ओर से गन्ने के खेत की ओर तेंदुए को जाते हुए देखा।

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ढाई सौ मीटर तक दिखे पगचिन्ह

leopard alet in pachasa village by forest department.

दहशत से भरे राहगीर घुंघटेर चौराहा पहुंचे और स्थानीय लोगों को गन्ने के खेत में तेंदुआ के घुसे होने की जानकारी दी। स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस पर वन दारोगा कुर्सी देवेश सिंह चौहान, वन रक्षक केसी वर्मा, शिव कुमार सिंह व मंगल के साथ ग्राम पचासा पहुंचे।

यहां से ग्रामीणों को लेकर वन विभाग की टीम बताए गए नहर के किनारे पहुंचे। नहर के किनारे से गन्ना के खेत की ओर करीब ढाई सौ मीटर तक पगचिह्न मिले। पगचिह्नों पर चलते हुए टीम व ग्रामीण गन्ने के खेत तक पहुंचे। यहां पर ग्रामीणों ने शोर मचाया और खेत में मिट्टी के ढेले फेंके लेकिन खेत में कोई हलचल नहीं हुई।

इस पर वन विभाग की टीम खेत में दाखिल हुई लेकिन कुछ नहीं मिला। वन दारोगा देवेश सिंह चौहान ने बताया कि यह पगचिह्न भी वैसे ही है जैसा कि एक सप्ताह पूर्व ग्राम टिकटिया में बछिया पर हमला करने वाले जंगली जानवर के थे। यह पगचिह्न किसी जंगली जानवर के हैं। ग्रामीणों को बच्चों व मवेशियों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

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