यूपी: लर्निंग आउटकम परीक्षा के नतीजे घोषित, पांचवीं और छठी के बच्चे गणित में कमजोर
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परिषदीय स्कूलों में कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों की लर्निंग आउटकम (सीखने की क्षमता) की परीक्षा में 59.42 फीसदी बच्चे प्रथम श्रेणी में पास हुए हैं। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक की ओर से सोमवार को जारी परिणाम में 27.04 प्रतिशत बच्चे फेल हुए हैं। पांचवीं और छठी कक्षा के बच्चे गणित में कमजोर पाए गए हैं। कई हैरान करने वाले भी तथ्य सामने आए हैं।
परीक्षा में 8वीं कक्षा के 58 फीसदी बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 7वीं के 62 प्रतिशत से अधिक बच्चों को नैतिक मूल्यों की जानकारी नहीं है। 8 नवंबर को हुई इस परीक्षा में कक्षा 5 से 8 तक के 48,55,341 बच्चे शामिल हुए थे।
5वीं कक्षा के 54.91 फीसदी बच्चे नहीं बना पाए सामान्य वाक्य
पांचवीं कक्षा में सामान्य वाक्य बनाने में 45.09 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। अपनी कल्पना से कहानी, कविता का वर्णन करने में 76.01 प्रतिशत बच्चे सफल हुए। सामान्य ज्ञान में 78.74 फीसदी सफल हुए। लेकिन 63.92 प्रतिशत बच्चों को छोटी बड़ी संख्याओं के अंतर और उनकी तुलना, अनुवर्ती और पूर्ववर्ती संख्या की जानकारी नहीं थी। गुणा-भाग सिर्फ 32.06 प्रतिशत ही हल कर सके।
छठवीं के 31.12 फीसदी स्पेलिंग बताने में फेल
छठी कक्षा में 65.88 प्रतिशत बच्चे शब्दों की सही स्पेलिंग बता सके। विभिन्न विषयों, प्रसंगों या उद्देश्यों के अनुसार विराम चिह्न का उपयोग करते हुए लेखन करने में 72.48 प्रतिशत, मुहावरों के उचित उपयोग में 60.66 प्रतिशत, त्रिभुजों की भुजा और कोणों के आधार पर उनका अंतर करने और उनका नाम बताने में 43.54 प्रतिशत बच्चे सफल हुए। गणितीय कथनों से चर-अचर राशि का उपयोग कर व्यंजक बनाने में 29.09 प्रतिशत बच्चे ही सफल हुए।
7वीं कक्षा के सिर्फ 55.42 फीसदी बच्चे ही पढ़ पाते हैं किताब
सातवीं कक्षा के 55.42 प्रतिशत बच्चे कहानी और किताब पढ़ पाते हैं। 27.48 प्रतिशत बच्चे की अंग्रेजी के कठिन शब्द और वाक्य बोल पाते हैं। 46.71 प्रतिशत बच्चों को अंग्रेजी व्याकरण की जानकारी है। 37.13 प्रतिशत बच्चे की नैतिक मूल्यों, इमानदारी, सच्चाई, समयबद्धता के बारे में जानते हैं। स्थानीय घटनाओं, चित्रों, दृश्यों को अपने शब्दों में मौखिक या लिखित व्यक्त करने में 79.67 प्रतिशत बच्चे सफल हुए। 67.70 प्रतिशत बच्चों को विधायिका और कार्यपालिका के गठन और कार्यों की जानकारी है।
8वीं के 70.96 फीसदी बच्चे समाज सुधारकों को पहचानते हैं
कक्षा 8 के 58.88 प्रतिशत बच्चे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन में अंतर बता सके हैं। 66.49 बच्चे शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां जानते हैं। 42.80 प्रतिशत बच्चे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और उससे जुड़े सेनानियों की जानकारी दे सके। 70.96 प्रतिशत बच्चे प्रमुख समाज सुधारकों की फोटो पहचान और उनके द्वारा दी गई शिक्षा को लिख सके।
परीक्षा के आधार पर समीक्षा करें अधिकारी
स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने सभी डीएम, सीडीओ और बीएसए को परीक्षा के परिणाम के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सी, डी और ई श्रेणी वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षण योजना बनाने को कहा है।
उन्होंने जिले में नियुक्त एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को हर महीने 30 विद्यालयों में प्रेरणा एप के माध्यम से ऑनलाइन सुपरविजन करने और सी, डी और ई श्रेणी में आने वाले बच्चों से बातचीत कर प्रगति का विश्लेषण करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सुधार के लिए उन्होंने प्रधानाचार्य से वार्ता कर कार्य योजना बनाएंगे। उन्होंने दीक्षा एप पर उपलब्ध 3000 ऑडियो विजुअल शिक्षण सामग्री का उपयोग कर बच्चों में लर्निंग आउटकम को सरल बनाने के निर्देश दिए।
श्रेणी व उत्तीर्ण हुए बच्चों का प्रतिशत
ए प्लस--(80-100 प्रतिशत)--895435--18.40
ए--(70 से 80 प्रतिशत)--1005538--21.71
बी--(60 से 70 प्रतिशत)--937418--19.31
सी--(50 से 60 प्रतिशत)--703784--14.50
डी--(35 से 50 प्रतिशत)--669735--13.79
ई--(35 प्रतिशत से कम)--643431--13.25