फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Leadership of cm yogi bjp won with majority in up civic poll 2017, Gujarat election awaited

योगी पहली परीक्षा में मेरिट से पास, दूसरे इम्तिहान की तैयारी शुरू

Sat, 02 Dec 2017 02:08 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/ अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 02 Dec 2017 02:08 PM IST
विज्ञापन
Leadership of cm yogi bjp won with majority in up civic poll 2017, Gujarat election awaited

लगभग 14 वर्षों के वनवास के बाद प्रदेश की सत्ता में लौटी भाजपा के सभी नेताओं के लिए निकाय चुनाव एक बड़ी परीक्षा थी। पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए यह बड़ा ही नहीं बल्कि कड़ा इम्तिहान भी था।

विज्ञापन


इस इम्तिहान में वह 16 महानगरों में से14 में पार्टी के महापौर जिताकर और छोटे निकायों में पहले की तुलना में अच्छी सफलता हासिल कर न सिर्फ अच्छे नंबरों से पास रहे बल्कि विधानसभा चुनाव के आसपास ही पार्टी का मत प्रतिशत बरकरार रखकर डिस्टिंकशन मार्क्स लेने में सफल रहे।
विज्ञापन


हालांकि उनकी परीक्षाओं का सिलसिला इस चुनाव के साथ खत्म नहीं हुआ है। इसमें दो राय नहीं कि इन नतीजों के बाद भाजपा नेतृत्व का उन पर न सिर्फ भरोसा बढ़ा होगा बल्कि उनके लिए भविष्य की राह भी आसान हो गई है। दरअसल, यह चुनाव एक तरह से योगी सरकार के आठ महीने के कामकाज की समीक्षा भी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिस तरह उनको और उनके फैसलों को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर अंदरखाने कई सवाल उठ रहे थे। लोग आशंकित थे कि उनके जैसा हिंदुत्ववादी चेहरा कहीं गोरक्ष पीठ के महंत की तरह ही आगे बढ़ा तो मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण भाजपा का मुकाबला कड़ा न बना दे।

मगर भाजपा की सफलता का परचम फहराकर उन्होंने साबित कर दिया कि भले ही वह पहली बार किसी प्रशासनिक और इतने बड़े पद को संभाल रहे हों लेकिन वह अनुभवहीन नहीं है। उन्होंने जो भी फैसले किए हैं, नतीजों ने उन पर मुहर लगा दी है।

भरोसा कायम ही नहीं किया बल्कि जीता भी

Leadership of cm yogi bjp won with majority in up civic poll 2017, Gujarat election awaited

आठ महीने पहले जब नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश में तीन चौथाई बहुमत वाली भाजपा सरकार का नेतृत्व सौंपा था तब तमाम लोग आशंकित भी थे। चर्चाएं भी उठी थी कि  योगी जो जब-तब अपनी पसंद का निर्णय न होने पर नेतृत्व के खिलाफ ही तेवर दिखाने में पीछे नहीं रहते, जिनका कई जिलों में हिंदू युवा वाहिनी नाम से भाजपा के समानांतर संगठन काम करता है, वह मुख्यमंत्री बनने के बाद संगठन के सरोकारों का कैसे और क्यों ख्याल रखेंगे?

निकाय चुनाव में जीत का परचम फहराने के साथ उन्होंने इन सभी सवालों और आशंकाओं पर विराम लगा दिया। वह पुराने तेवरों को काफी पीछे छोड़ चुके हैं।  यह भी बता दिया है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके लिए अब भाजपा ही अव्वल है।यह योगी के साथ भाजपा की भी सफलता है।

पर, बाकी है रणनीतिक कौशल की परीक्षा

Leadership of cm yogi bjp won with majority in up civic poll 2017, Gujarat election awaited
सीएम योगी

वैसे तो इस जीत के बाद जहां योगी विरोधियों को बोलने से पहले काफी सोचना पड़ेगा वहीं उनकी भूमिका पर सवाल उठाने वालों को भी आत्ममंथन करना होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी अपने प्रयोग पर आत्मसंतोष हुआ होगा। पर, यहां योगी की परीक्षा का अंत नहीं होने जा रहा है। लोकसभा चुनाव के रूप में एक और परीक्षा सामने खड़ी है।

हालांकि निकाय चुनाव के नतीजे योगी को उस परीक्षा में पास होने के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ देंगे लेकिन इतने भर से उनकी चुनौतियां कम नहीं होने वाली। खासतौर से जिस तरह इस चुनाव में बसपा ने कई जगह भाजपा को कड़ी टक्कर दी है उसको देखते हुए योगी को खास तैयारी करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed