एलडीए के 1500 फ्लैटों पर जल्द ही मिल जाएगा कब्जा
एलडीए की सृष्टि, सनराइज और सरगम आवासीय योजनाओं का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इन योजनाओं का पांच साल से निर्माण हो रहा है। एलडीए जल्द ही इनकी रजिस्ट्री शुरू करने जा रहा है।
लगभग डेढ़ साल तक इन अपार्टमेंटों का निर्माण किसान आंदोलन की वजह से रुका रहा था। वहीं एलडीए अगले दो महीने में करीब 1500 करीब फ्लैटों पर अपने आवंटियों को कब्जा देने की तैयारी कर रहा है। कुर्सी रोड की सृष्टि व सरगम और डालीबाग में धेनुमति अपार्टमेंट स्कीम में आवंटियों को कब्जा देने की तैयारी है।
2010 से लेकर 2011 के बीच एलडीए ने कई ग्रुप हाउसिंग स्कीमों का आवंटन किया था। इनमें से अधिकांश निर्माणाधीन हैं। कुर्सी रोड पर उस समय सृष्टि और सरगम स्कीम का निर्माण शुरू किया गया।
डालीबाग में धेनुमति अपार्टमेंट बनना शुरू हुआ था। गोमती नगर विस्तार, शारदा नगर और जानकीपुरम में सुलभ आवासीय स्कीम के निर्माण का आगाज किया गया। मगर ये सभी स्कीमें किसानों आंदोलन के चलते अटकती रहीं।
इनके निर्माण के लिए दो साल का समय तय किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे चार साल से अधिक समय बीत गया। इसके बावजूद एलडीए अब तक सिर्फ आधे फ्लैटों पर ही कब्जा देने की स्थिति में पहुंचा है।
एलडीए के एक आला अधिकारी ने बताया कि हम बहुत जल्द ही इनमें से आधे फ्लैटों पर कब्जा देने की स्थिति में होंगे। इसमें करीब दो महीने का समय लगेगा।
धेनुमति अपार्टमेंट, डालीबाग का काम 2012 में शुरू किया गया था। इस इमारत में 60 फ्लैट हैं, जिनको फिनिश किया जा चुका है। अब आवंटियों को कब्जा दिया जाएगा।
गोमतीनगर विस्तार में कब्जा देने की तैयारी पूरी
ऐसे ही गोमती नगर विस्तार सेक्टर-6 में दो मंजिला अपार्टमेंट के 100 फ्लैटों की करीब दो साल बाद लॉटरी हुई है। इनमें भी कब्जा देने की तैयारी पूरी है। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि अगले दो महीने में यहां पजेशन देना शुरू कर दिया जाएगा।
कानपुर रोड पर निर्माणाधीन सनराइज अपार्टमेंट का काम अब शुरू हो चुका है। यहां एलडीए ने काम शुरू कराने के लिए आंदोलित किसानों से वार्ता शुरू की थी। इसके बाद आंदोलनकारी मान गए थे।
इस अपार्टमेंट का काम 95 फीसदी तक काम पूरा हो चुका है, यहां लगभग 650 फ्लैट हैं। इनके अलावा सुलभ के विभिन्न योजनाओं में 350 फ्लैटों पर आवंटियों को कब्जा भी मिलेगा।
ये शारदा नगर में हैं। एलडीए के उपसचिव केके सिंह ने बताया कि सनराइज के दो ब्लॉकों में तो आवंटियों के साथ रजिस्ट्री शुरू की जा चुकी थी।