झंडे लगाने के मामले में सउदी अरब से सीख लेगा एलडीए, पढ़ें मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनेश्वर मिश्र पार्क में लगे तिरंगे को फटने से बचाने के लिए अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) सऊदी अरब से सीख लेगा। सऊदी के जेद्दाह में 570 किलोग्राम वजन का मॉन्यूमेंट फ्लैग हर मौसम में पूरी तरह से सुरक्षित है।
जबकि जनेश्वर मिश्र पार्क में 65 किलोग्राम का तिरंगा मौसम की मार से फट रहा है। इसलिए एलडीए जेद्दाह में लगे झंडे के फैब्रिक और तकनीक का पता लगाएगा, जिससे यहां भी तिरंगा प्रतिकूल मौसम में भी पूरी तरह से सुरक्षित रहे।
सऊदी सरकार ने 2014 में जेद्दाह के किंग अब्दुल्ला चौक पर दुनिया का सबसे ऊंचा 560 फीट का झंडा फहराया था। इसका साइज भी 162 गुणा 108 वर्ग फीट है। इसके उलट जनेश्वर मिश्र पार्क में 60 गुणा 90 वर्गफुट का झंडा लगा है।
जेद्दाह के झंडे की सुरक्षा स्टडी शुरू
इसके बाद भी लगातार फटने की घटनाएं हो रही हैं। झंडा फटने से बचाने के लिए गठित जांच समिति ने अब फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया, बजाज इलेक्ट्रिकल्स के अलावा दो स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं की मदद से जेद्दाह के झंडे की सुरक्षा की स्टडी शुरू कर दी है।
समिति में शामिल इंजीनियर ने बताया कि जेद्दाह में बारिश कम होती है। झंडे की ऊंचाई की वजह से हवा का दबाव ज्यादा होता है। वजन ज्यादा होने के बाद भी झंडा फटने की घटनाएं आम नहीं हैं।
असल में जेद्दाह के झंडे के संरक्षण के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। इनमें से एक टीम झंडे की जांच के अलावा समय-समय पर बदलती रहती है। यह टीम हवा की स्पीड और मौसम की जांच करती है जिससे झंडे को फटने से बचाने के लिए फैसला लिया जा सके। इसके अलावा दूसरी टीम फ्लैगपोल के रखरखाव और मेंटेनेंस को संभालती है।