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इन घरों में जल्द ही काट दिया जाएगा बिजली-पानी का कनेक्शन

Sun, 01 Nov 2015 04:28 PM IST
Updated Sun, 01 Nov 2015 04:28 PM IST
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lda will cut electricity and water connection in illegal building

एलडीए ने अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए अब ऐसे निर्माण करने वालों को सभी तरह की सुविधाओं से वंचित करने की योजना बनाई है। प्राधिकरण का मानना है यदि व्यापार कर, नगर निगम, जल संस्थान, रजिस्ट्री विभाग, लेसा, पुलिस और रजिस्ट्री विभाग ऐसे लोगों को कोई सुविधा न दें तो अवैध निर्माण होगा ही नहीं।

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यही नहीं एलडीए ने यह भी कहा है जहां अवैध निर्माण के बावजूद बिजली-पानी कनेक्शन जैसी सुविधाएं दी गई हैं उन्हें भी तत्काल निरस्त कर दिया जाए। शनिवार को बाकायदा अधिसूचना जारी कर एलडीए ने अपने अलावा सात अन्य एजेंसियों को भी अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार माना है।
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इस अधिसूचना के तहत व्यापार कर, नगर निगम, जल संस्थान, रजिस्ट्री विभाग, लेसा, पुलिस और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों पर भी अब अवैध निर्माण को लेकर एलडीए कार्रवाई करेगा। अवैध निर्माणों को सुविधाएं देने के लिए संबंधित सरकारी एजेंसियों के जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।
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इसके अलावा आम लोगों को एक बार फिर से चेताया गया है कि किसी भी तरह के अवैध निर्माण से दूर रहें। बिना मानचित्र पास करवाए निर्माण न करवाएं और मानचित्र पास करवाने पर उसी के अनुरूप निर्माण करवाएं।

बिना एलडीए से कंप्लीशन प्राप्त किए भवनों को लोन से लेकर पानी, व्यापार कर पंजीकरण और बिजली से लेकर रजिस्ट्री तक पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर एलडीए ने तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने विभिन्न विभागों और एजेंसियों को पत्र लिख कर ऐसे भवनों, फ्लैट, आवासीय योजनाओं को मान्यता न देने के लिए पत्र लिखा है।

ताकि, तमाम ढांचागत सुविधाएं सरकारी एजेंसियों से अवैध निर्माण करने वालों को न मिल सकें। उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह ने सभी बैक, व्यापार कर, पाॅवर कार्पोरेशन, जल संस्थान, महानिरीक्षक निबंधन एवं नगर निगम से अनुरोध किया है कि किसी भी भवन का प्राधिकरण से पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही अपने विभाग से संबंधित सुविधा प्रदान करें।

बैंक ऋण, लेसा द्वारा विद्युत, जल संस्थान से पानी कनेक्शन दिए जाएं। प्राधिकरण से अनापत्ति प्राप्त होने के पश्चात व्यावसायिक कर निर्धारण, व्यवसाय के लिए लाइसेंस, व्यापार कर पंजीकरण किया जाए। प्राधिकरण से अनापत्ति लेने के पश्चात ही भूखंडों, भवनों और फ्लैटों के अनुबंध और निबंधन किए जाएं।

अपने अभियंताओं पर नहीं चलाया डंडा

lda will cut electricity and water connection in illegal building

इसके साथ ही जिन भवनों मे विद्युत एवं पानी कनेक्शन, व्यावसायिक कर निर्धारण, व्यवसाय के लिए लाइसेंस, व्यापार कर पंजीकरण बिना एलडीए के कंप्लीशन के दी जा चुकी है, उनको निरस्त करने पर भी विचार किया जाए।

मगर इससे भी एक कदम आगे बढ़ते हुए अब दूसरे विभागों के संबंधित अधिकारियों पर एलडीए ने एफआईआर कराने की ताजी अधिसूचना शनिवार को जारी कर दी है।

अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को ढांचागत सुविधाएं न उपलब्ध हों तभी अवैध कॉलोनियों पर रोक लग सकेगी। पिछले कुछ समय से भले ही प्राधिकरण प्रशासन ने सभी जोन के अभियंताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाके में अवैध प्लॉटिंग करने वालों से सख्ती से पेश आएं।

इसके लिए हर रोज कम से कम एक अवैध निर्माण सील करने का लक्ष्य भी दिया गया है। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्राधिकरण अपने जिम्मेदार अभियंताओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। 1500 अवैध निर्माणों की सूची हाईकोर्ट में लंबित है।

मगर उनके लिए जिम्मेदार अभियंताओं का बाल भी बांका नहीं हुआ। अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्ती करते हुए एलडीए ने 14 राष्ट्रीयकृत बैंकों को पत्र लिख कर बिना एलडीए की एनओसी के ऋण न देने की सलाह दी है। बैंक प्रबंधकों को साफ किया गया है कि अगर एलडीए की एनओसी के बिना वे ऋण देंगे तो उनका दिया धन फंस जाएगा।

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