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एलडीए के इस फैसले से लखनऊ की हैरिटेज खतरे में!

Mon, 29 Dec 2014 03:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 29 Dec 2014 03:06 PM IST
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Lda rejected no vehicle request in heritage zone.

हुसैनाबाद क्षेत्र को टीले वाली मस्जिद से लेकर छोटे इमामबाड़े तक नो मोटर ह्वीकल जोन बनाए जाने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया है। एलडीए के इस फैसले से ऐतिहासिक महत्व के रूमी गेट और छोटा इमामबाड़ा गेट के संरक्षण की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।

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टीले वाली मस्जिद के पीछे बांध रोड के निर्माण भले ही शुरू हो गया है, लेकिन इसे यहां की वाहन संख्या के दबाव के अनुकूल नहीं माना गया है। हेरिटेज जोन में विकास कार्यों की नोडल एजेंसी एलडीए की ओर से इस आशय की औपचारिक जानकारी दी गई है।
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हुसैनाबाद हेरिटेज जोन को विकसित करने के लिए सरकार करीब 200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। मगर इस सुंदरीकरण को तब तक अधूरा माना जा रहा है जब तक यहां संरक्षण की कोई योजना न हो। पुरातत्व और पर्यटन विशेषज्ञ कई बार सरकार को सलाह दे चुके हैं कि आगरा की तर्ज पर टीले वाली मस्जिद से छोटे इमामबाड़े तक सड़क को नो मोटर ह्वीकल जोन बना दिया जाए।
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रूमी गेट को कैसे मिलेगा जीवनदान

Lda rejected no vehicle request in heritage zone.

हजरतगंज के नए स्वरूप को डिजाइन करने वाले हेरिटेज आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव लंबे समय से ईमामबाड़ा से लेकर छोटे ईमामबाडे़ तक हेरिटेज जोन बनाने की मांग करते रहे हैं।
इस तीन किलोमीटर की सड़क को वाहनों से मुक्त कर केवल पैदल पर्यटकों और इक्कों-तांगों को खोलने की अपील की जाती रही है।

इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या को बढ़ाया जा सकेगा। दिन भर में हजारों वाहनों के आवागमन से जर्जर होते जा रहे राजधानी की पहचान रूमी दरवाजे के रास्ते को पैदल पथ बनाने की कोशिशें कीं। शासन ने इन कोशिशों को अमलीजामा पहनाने के लिए आठ सदस्यीय एक कमेटी गठित की।

इसमें आला अधिकारियों के अलावा रॉयल फैमिली ऑफ अवध के सदस्यों को भी रखा गया। इन सभी को रूमी गेट को पैदल पथ बनाने को लेकर एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनानी थी। अब इस प्रस्ताव पर पूरी तरह से विराम लग गया है। यहां मोटर वाहन ऐसे ही आगे भी चलते रहेंगे।

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