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LDA: लखनऊ में 12500 अवैध निर्माण, हाईकोर्ट ने एलडीए से मांगा जवाब, अगली सुनवाई नौ फरवरी को
Tue, 13 Dec 2022 01:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2022 01:40 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान बहुमंजिला इमारतों के अवैध निर्माण के मामले में एलडीए से जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी।
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यजदान अपार्टमेंट को तोड़ने की कार्रवाई फिर से शुरू की गई।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान बहुमंजिला इमारतों के अवैध निर्माण के मामले में एलडीए से जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक कुमार की याचिका समेत चार अन्य याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया।
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याचिका में बताया गया कि राजधानी की तमाम बहुमंजिला इमारतें अवैध तरीके से बनाई गई हैं। इनमें से कुछ में स्वीकृति से ज्यादा मंजिलें बना दी गईं तो कई में अवैध निर्माण किया गया। एलडीए ने कुछ की पहचान तो की है, लेकिन आज तक एक को भी ध्वस्त नहीं किया गया। अवैध निर्माण में अधिकारियों की मिलीभगत है, लेकिन इनके खिलाफ अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने एलडीए से विस्तृत जवाब मांगा है।
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शहर में इस वक्त करीब 12,500 अवैध निर्माण हैं। इनमें अपार्टमेंट, कॉम्प्लेक्स, रो हाउसेस, प्लॉटिंग सोसाइटी शामिल हैं। शासन-प्रशासन ने समय-समय पर इन पर अंकुश लगाने के लिए आदेश दिए, मगर हुआ कुछ नहीं। होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड के बाद इनकी रफ्तार और बढ़ गई। इसके लिए प्रवर्तन के इंजीनियर व अफसर जिम्मेदार हैं। आवासीय भूखंडों पर सबसे ज्यादा होटल गोमतीनगर, शहीद पथ के किनारे व गोमतीनगर विस्तार में बने हैं। एलडीए की सीलिंग के बावजूद ये इमारतें गुपचुप तरीके से बनकर तन गईं। इन पर कभी एलडीए का बुलडोजर नहीं चल सका।