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मुख्तार, दाउद की अवैध इमारतों के निर्माण में इंजीनियर-अफसर फंसे
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एलडीए के जिन इंजीनियरों एवं अफसरों की सरपरस्ती में माफिया मुख्तार अंसारी और पूर्व सांसद दाउद अहमद की अवैध इमारतों का निर्माण हुआ, वे अब फंस गए हैं। ऐसे दस से अधिक इंजीनियरों एवं अफसरों पर शासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। शासन ने एलडीए से रिपोर्ट तलब की है। उधर, एलडीए ने अवैध निर्माण में फंसे इंजीनियरों एवं अफसरों को आरोपपत्र जारी करने के लिए कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी के अध्यक्ष अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा बनाए गए है। हालांकि शहर से बाहर होने के कारण अपर सचिव से इस सिलसिले में बात नहीं हो सकी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्तार अंसारी और पूर्व सांसद दाउद अहमद की अवैध इमारतों का निर्माण कराने वालों के खिलाफ तत्कालीन वीसी अभिषेक प्रकाश ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
इस रिपोट के आधार पर शासन ने सभी को आरोपपत्र देने का निर्देश दिए है। इस मामले में सेवानिवृत्त आईएएस एवं तत्कालीन वीसी सतेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता मनीष कुमार, सहायक अभियंता अनूप शर्मा, अवर अभियंता जीएस वर्मा, एस भावल सहित प्रवर्तन सेल एवं मानचित्र सेल के अभियंता फंसे हैं।
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इस कमेटी के अध्यक्ष अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा बनाए गए है। हालांकि शहर से बाहर होने के कारण अपर सचिव से इस सिलसिले में बात नहीं हो सकी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्तार अंसारी और पूर्व सांसद दाउद अहमद की अवैध इमारतों का निर्माण कराने वालों के खिलाफ तत्कालीन वीसी अभिषेक प्रकाश ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
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इस रिपोट के आधार पर शासन ने सभी को आरोपपत्र देने का निर्देश दिए है। इस मामले में सेवानिवृत्त आईएएस एवं तत्कालीन वीसी सतेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता मनीष कुमार, सहायक अभियंता अनूप शर्मा, अवर अभियंता जीएस वर्मा, एस भावल सहित प्रवर्तन सेल एवं मानचित्र सेल के अभियंता फंसे हैं।
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