एलडीए कर्मचारियों को रहना होगा ऑन टाइम
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एलडीए के नए वीसी भुवनेश कुमार गुरुवार को सुबह दस बजे पहुंचे तो वहां 80 फीसदी कर्मचारी मौजूद नहीं थे। कर्मचारी के साथ्ा ही अधिकारी भी दफ्तर में नहीं थे।
इस बात को लेकर भुवनेश कुमार का कहना है कि एलडीए में पद संभालने के बाद से मैं हमेशा 10 बजे से पहले ऑफिस पहुंच रहा हूं। जबकि कई अन्य विभागों की जिम्मेदारी भी मेरे पास है।
मुझे पता था कि एलडीए की कार्य पद्धति में आलस घर कर चुका है। लगा कि, ये लोग मेरे जल्द आने से सुधर जाएंगे। इनमें शर्म जागेगी, मगर ऐसा कुछ भी नहीं हो सका है।
नाराज वीसी ने कहा कि इनकी पहली सजा यही है कि माह के दूसरे शनिवार को इस बार एलडीए में अवकाश नहीं होगा। उस दिन बैठक होगी और सभी को 10 बजे ऑफिस पहुंचने के नियम का सख्ती से पालन करना होगा।
जो ऐसा नहीं करेंगे वह कार्रवाई के लिए तैयार रहें। करीब दो सप्ताह पहले एमपी अग्रवाल की जगह भुवनेश कुमार को एलडीए वीसी के पद पर शासन ने तैनात किया।
एलडीए कर्मचारी को दो घंटे सुननी होगी जनता की
भुवनेश कुमार ने आने के बाद ही अपनी पहली ही मीटिंग में साफ कर दिया था कि सुबह 10 से 12 बजे के बीच सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कमरे में हों और जनता की परेशानियों को सुनें।
वीसी के आदेश पर भी प्राधिकरण की कार्यपद्धति में कोई भी बदलाव नहीं आया। सुबह 9:55 मिनट से ही वीसी भुवनेश कुमार ने प्राधिकरण का दौरा करना शुरू कर दिया।
इस दौरान अधिकारियों में केवल संयुक्त सचिव रणविजय सिंह और ओएसडी राजीव कुमार के अतिरिक्त इक्का दुक्का अधिकारी ही एलडीए पहुंचे थे।
सचिव एपी तिवारी, संयुक्त सचिव सीमा सिंह, मुख्य अभियंता ओपी मिश्र, ओएसडी एलएम प्रसाद, संयुक्त सचिव डीएस राठौड़, संयुक्त सचिव संतोष मुर्डिया और संयुक्त सचिव एनएन सिंह के आने का सिलसिला वीसी के निरीक्षण के दौरान शुरू हुआ।
कुछ अधिकारियों का तर्क है कि, वीसी का दौरा 9:55 बजे से शुरू हुआ, इसलिए कम उपस्थिति मिली है। दस से सवा दस के बीच अधिकतर अफसर अपनी सीटों पर पहुंच कर जनसुनवाई करने लगे थे।