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Lucknow News: भूखंड आवंटन में फर्जीवाड़ा करने वाला एलडीए का लिपिक बर्खास्त
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लखनऊ। तीन साल चली जांच के बाद एलडीए ने भूखंड फर्जीवाड़े में दोषी पाए गए निलंबित कनिष्ठ लिपिक धीरज कुमार श्रीवास्तव को अब नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। जांच के बाद एलडीए वीसी की ओर से आदेश बर्खास्तगी का आदेश भी जारी कर दिया गया है। गोमतीनगर थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
आरोपी लिपिक ने फर्जीवाड़ा कर अपनी आधिकारिक यूजर आईडी से एक भूखंड को फर्जी तरीके से आवंटित कर प्राधिकरण के पोर्टल पर दर्ज कर दिया था। मामला पकड़ा न जाए इसके लिए मूल पत्रावली को भी गायब कर दिया था। यह मामला तब खुला जब इस मामले को लेकर शिकायत हुई। उसके बाद पता चला कि गोमतीनगर योजना के विनम्र खंड स्थित संपत्ति संख्या 3/222-ए को एलडीए के पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से दर्ज किया गया। जांच पता चला कि यह लिपिक धीरज की यूजर आईडी से दर्ज की गई। कंप्यूटर अनुभाग ने जांच की तो दस्तावेज में सामने आया कि ये एंट्री यूजर आईडी कोड-3014 से की गई थी, जो धीरज श्रीवास्तव के नाम पर जारी थी। यहीं से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके अलावा प्रियदर्शिनी योजना के भवन संख्या 1/67 में भी गड़बड़ी की थी। फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर फर्जी रजिस्ट्री करवा दी थी। इसके साथ ही अपने परिजनों को भूखंडों का फर्जी तरीके से आवंटन भी करवाया था।
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आरोपी लिपिक ने फर्जीवाड़ा कर अपनी आधिकारिक यूजर आईडी से एक भूखंड को फर्जी तरीके से आवंटित कर प्राधिकरण के पोर्टल पर दर्ज कर दिया था। मामला पकड़ा न जाए इसके लिए मूल पत्रावली को भी गायब कर दिया था। यह मामला तब खुला जब इस मामले को लेकर शिकायत हुई। उसके बाद पता चला कि गोमतीनगर योजना के विनम्र खंड स्थित संपत्ति संख्या 3/222-ए को एलडीए के पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से दर्ज किया गया। जांच पता चला कि यह लिपिक धीरज की यूजर आईडी से दर्ज की गई। कंप्यूटर अनुभाग ने जांच की तो दस्तावेज में सामने आया कि ये एंट्री यूजर आईडी कोड-3014 से की गई थी, जो धीरज श्रीवास्तव के नाम पर जारी थी। यहीं से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके अलावा प्रियदर्शिनी योजना के भवन संख्या 1/67 में भी गड़बड़ी की थी। फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर फर्जी रजिस्ट्री करवा दी थी। इसके साथ ही अपने परिजनों को भूखंडों का फर्जी तरीके से आवंटन भी करवाया था।
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