'जी का जंजाल बनी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी'
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में छिड़ी जंग फेसबुक से बाहर आ गई है। भाजपा नेता मेनका गांधी ने अपने बेटे वरुण गांधी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की खुलेआम वकालत की है।
पीलीभीत में एक जनसभा में उन्होंने कहा कि अगर वरुण उत्तर प्रदेश की सरकार को चलाते तो अच्छा होता।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में कई नेताओं का नाम सामने आ चुका है, जिनमें वरुण समेत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का नाम शामिल है।
फेसबुक पर आ चुके हैं कई दावेदार
हालांकि, अब तक ये लड़ाई फेसबुक तक ही सिमटी रही है। पन्नों के बारे में पूछे जाने पर नेता इनकार भी करते रहे हैं।
लेकिन मुख्यमंत्री पद की लड़ाई को फेसबुक से बाहर लाते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेता और पीलीभीत की सांसद मेनका गांधी ने अपने बेटे के पक्ष में जनमत बनाना आरंभ कर दिया है।
पीलीभीत में एक सभा में उन्होंने कहा,'उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती तो अच्छा होता। अगर वरुण उस सरकार को चलाते तो और अच्छा होता। पीलीभीत की चांदी ही चांदी होती।'
वाजपेयी ने बताया मेनका का व्यक्तिगत बयान
वहीं, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इसे मेनका गांधी का व्यक्तिगत बयान बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर अभी से बात करना जल्दबाजी है।
गौरतलब है कि प्रदेश में 2017 में विधानसभा चुनाव होने है। वरुण गांधी फिलहाल सुलतानपुर से सांसद हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भावी
मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और मामले की जांच के लिए
एसएसपी को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि उनके नाम से बने फेसबुक एकाउंट गलत हैं, जिन पर मुख्यमंत्री पद पर उनकी दावेदारी से संबंधित अभियान चलाया जा रहा है।
किया अभियान का खंडन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भावी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और मामले की जांच के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि उनके नाम से बने फेसबुक एकाउंट गलत हैं, जिन पर मुख्यमंत्री पद पर उनकी दावेदारी से संबंधित अभियान चलाया जा रहा है।
उनका इस अभियान से कोई लेना-देना नहीं है। वाजपेयी ने लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इसकी जांच कराने को कहा है।
भाजपा ने की जांच की मांग
वाजपेयी ने एसएसपी को पत्र में लिखा है, ‘संज्ञान में आया है कि किन्हीं अज्ञात लोगों ने उनके नाम से दो फेसबुक एकाउंट चला रखे हैं, जिन पर ‘लक्ष्मीकांत वाजपेयी फॉर सीएम उत्तर प्रदेश’ नाम से पेज बनाए गए हैं।
मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। न मैं इस एकाउंट की विषय-वस्तु से सहमत हूं और न यह मेरी कार्यपद्धति का हिस्सा है।
मेरा आग्रह है कि इस संबंध में अपने अधीनस्थ कार्य करने वाले साइबर क्राइम सेल से जांच करा लें। जो व्यक्ति इन्हें चला रहा है, यदि वह इसे बंद करने पर सहमत हो तो ठीक, अन्यथा उसके विरुद्ध कार्रवाई करें।’
यह है पूरा मामला
दरअसल, भाजपा के कुछ नेताओं के नाम से बने फेसबुक पेज पर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करते हुए स्लोगन लगाए गए हैं।
साथ ही इन नेताओं के लिए लोगों से समर्थन मांगा गया है। वरुण गांधी और स्वतंत्र देव सिंह के नाम के साथ दावेदारी की गई है जबकि भाजपा के महामंत्री पंकज सिंह के साथ इशारों में मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी की गई है।
केंद्रीय नेतृत्व ने लगाई फटकार
सूत्रों का कहना है कि इस तरह की दावेदारी वाले अभियान पर केंद्रीय नेतृत्व नाराज है। उसने अपनी नाराजगी से प्रदेश के नेताओं को भी अवगत करा दिया है।
साथ ही कहा है कि मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करने के बजाय विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।